सड़क परिवहन को सुगम बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देते हुए योगी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. अंतरशहर परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों की सेवा के बाद अब लंबी दूरी वाले मार्गों पर भी डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाने पर सरकार का फोकस है. इसी कड़ी में जल्द ही गोरखपुर के दो प्रमुख बस स्टेशनों से 20 नई इलेक्ट्रिक बसें अयोध्या, बनारस, सोनौली सहित कई महत्वपूर्ण मार्गों पर दौड़ती नजर आएंगी.
किस रूट पर कितनी बसें?
यूपी रोडवेज को गोरखपुर के लिए ईको-फ्रेंडली परिवहन के प्रथम चरण में 20 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं. इनमें से 6 बसें बनारस के लिए चलेंगी जिनमें 3 गाजीपुर मार्ग से और 3 आजमगढ़ मार्ग से संचालित होंगी. 3 बसें अयोध्या, 3 बसें बलिया, 3 बसें नेपाल बॉर्डर स्थित सोनौली, 3 बसें तमकुहीराज और 2 बसें लार रोड तक चलाई जाएंगी. शुरुआती चरण में 9 बसें कचहरी बस स्टेशन से और 11 बसें गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन से संचालित की जाएंगी.
राप्तीनगर में हाईटेक चार्जिंग स्टेशन लगभग तैयार
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सबसे जरूरी चार्जिंग स्टेशन राप्तीनगर में हाईटेक तरीके से बनकर लगभग तैयार हो चुका है. जो कार्य बचे हैं उन्हें इसी माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा. चार्जिंग स्टेशन शुरू होते ही इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा. तैयारी अंतिम दौर में है और यात्रियों को जल्द ही इन नई ई-बस सेवाओं का लाभ मिलने लगेगा.
पूर्वांचल के सभी महत्वपूर्ण शहरों और पर्यटन स्थलों को मजबूत कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इलेक्ट्रिक बसों का रूट चार्ट इस तरह तैयार किया गया है कि पूर्वांचल के सभी महत्वपूर्ण शहरों और पर्यटन स्थलों को और मजबूत कनेक्टिविटी मिल सके. परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह ने बताया कि अयोध्या, बनारस और सोनौली जैसी जगहों के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलने से यात्रियों की यात्रा आरामदायक और प्रदूषण मुक्त होगी. साथ ही ईंधन की बचत होने से परिवहन निगम को भी आर्थिक लाभ होगा.