दिल्ली में लगातार हो रहे हादसों और मौतों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने राजधानी में बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए बीजेपी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने हाल ही में हुए पुल हादसे समेत कई घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार से जवाबदेही और मुआवजे की मांग की है.
देवेन्द्र यादव ने रूप नगर इलाके में नाले पर बने लोहे के पुल के टूटने से एक महिला की मौत पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने इस दर्दनाक घटना के लिए सीधे तौर पर बीजेपी की रेखा गुप्ता सरकार को जिम्मेदार ठहराया. यादव ने मृत महिला के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग भी की.
हादसे बन रहे आम, राजधानी की सुरक्षा पर सवाल
देवेन्द्र यादव ने कहा कि बीजेपी के शासन में नालों, गड्ढों और टूटी सड़कों के कारण होने वाली मौतें अब आम हो चुकी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पिछले एक दशक से लोगों के लिए असुरक्षित होती जा रही है और सरकार इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है.
सड़कों की बदहाली बनी मौत का कारण
कांग्रेस नेता ने कहा कि राजधानी की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि यह समझ पाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां. इसी वजह से लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने पिछले महीने जनकपुरी में हुए हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि 5 फरवरी को दिल्ली जल बोर्ड के गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत हो गई थी, लेकिन इस मामले में किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली.
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि होली जैसे पवित्र त्योहार पर भी हिंसक घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल लीपापोती में लगी रहती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करती.
जर्जर ढांचे की जांच की मांग
उन्होंने सरकार से मांग की कि दिल्ली में जर्जर पुलों, इमारतों और अन्य सार्वजनिक ढांचों की व्यापक प्रशासनिक जांच कराई जाए. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे हादसे लगातार होते रहेंगे और लोगों की जान जाती रहेगी.