राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद कस्बे से अंधविश्वास और महिला उत्पीड़न का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक संभ्रांत परिवार के युवक ने तांत्रिक के चक्कर में पड़कर अपनी तीसरी पत्नी को घर से निकाल दिया. तांत्रिक ने उसे यह अंधविश्वास पट्टी पढ़ाई थी कि ‘पांच शादियां करने के बाद ही उसकी दशा सुधरेगी’. दर-दर की ठोकरें खाने के बाद आखिरकार पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक की पहले ही दो शादियां हो चुकी थीं. इसके बाद उसने तीसरी बार घर बसाया था. शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, लेकिन बाद में पति किसी तांत्रिक के मायाजाल में फंस गया. 5 शादियों के टोटके को पूरा करने की सनक में उसने अपनी तीसरी पत्नी को परेशान करना और मारपीट कर घर से बेदखल करना शुरू कर दिया.
10 लाख की डिमांड और अनैतिक दबाव
पीड़ित महिला ने जब इस प्रताड़ना का विरोध किया, तो पति की हैवानियत और बढ़ गई. आरोपी ने पत्नी से 10 लाख रुपए की डिमांड की. महिला पर ननदोई (पति के जीजा) और दोस्तों के साथ जबरन बातचीत और संबंध रखने का दबाव बनाया गया. पति और ससुराल वालों ने उस पुश्तैनी मकान को ही बेच दिया, जिसमें महिला शादी करके आई थी. पति ने इस पवित्र रिश्ते को महज ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ बताकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की.
एक महीने की जद्दोजहद के बाद दर्ज हुई FIR
घर से निकाले जाने के बाद बेसहारा महिला आसींद कस्बे में ही एक किराए के मकान में अपना भरण-पोषण कर रही थी. उसने एक माह पूर्व ही आसींद थाने में शिकायत दी थी, लेकिन तब सुनवाई नहीं हुई. आखिरकार हिम्मत न हारते हुए एक महीने की जद्दोजहद के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.
इनके खिलाफ हुआ मामला दर्ज
आसींद पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को आरोपी बनाया है:
- दिलखुश (पति)
- डालचंद (ससुर)
- सीतादेवी (सास)
- विजय (ननदोई)
- निकी (ननद)
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 316(2) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 4 के तहत केस दर्ज किया है. इस पूरे मामले की गहन जांच आसींद थाने की सीआई (CI) श्रीमती श्रद्धा पंचोरी को सौंप दी गई है.