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‘सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी से पहले इजाजत लेना जरूरी’, कोर्ट ने आरोपी को किया रिहा

दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने हत्या के एक मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने महिला आरोपी अन्नू यादव की गिरफ्तारी को पूरी तरह से अवैध और गैरकानूनी करार देते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है. वहीं, मामले के दो अन्य आरोपियों सुमन यादव और विक्रम यादव को अदालत ने दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील राहुल यादव ने कोर्ट के सामने एक पेनड्राइव पेश की, जिसने पुलिस की कहानी को पलट दिया. कोर्ट में चले सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा था कि पुलिस 15 मार्च की रात 11:58 बजे ही अन्नू यादव को अपने साथ ले गई थी. वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी, सिविल ड्रेस में एक महिला पुलिसकर्मी, अन्नू यादव, उनके पति और देवर स्पष्ट नजर आ रहे थे. इसके उलट, पुलिस ने अपने आधिकारिक ‘अरेस्ट मेमो’ (गिरफ्तारी रिकॉर्ड) में गिरफ्तारी का समय 16 मार्च की सुबह 9:40 बजे दर्ज किया था.

सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी पर क्या कहता है कानून?

समय के इस भारी विरोधाभास पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया. अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के मुताबिक, सूर्यास्त के बाद किसी भी महिला को गिरफ्तार करने के लिए मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है. इस मामले में पुलिस ने बिना अनुमति के रात में महिला को हिरासत में लिया और फिर कागजों में समय बदलकर कानून का खुला उल्लंघन किया. इसी आधार पर अदालत ने अन्नू यादव की गिरफ्तारी को शून्य (Void) घोषित कर दिया.

सिर्फ तकनीकी आधार पर मिली राहत

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि अन्नू यादव को यह राहत केवल ‘तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया’ के उल्लंघन के आधार पर दी गई है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उन्हें हत्या के मामले में क्लीन चिट मिल गई है. जांच अधिकारी (IO) नियमानुसार और कानून के दायरे में रहकर आगे की उचित कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं.

क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि 15 मार्च को दिल्ली के छावला इलाके में संपत्ति विवाद को लेकर विक्रम यादव, उसकी पत्नी सुमन और बेटी अन्नू का विक्रम की बहन ललिता यादव से झगड़ा हो गया था. इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें सुमन और ललिता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. बाद में इलाज के दौरान ललिता की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर इन तीनों को गिरफ्तार किया था.

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