हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस एक एक सीट जीतने में कामयाब रही. हालांकि नतीजों के बाद अब राज्य में कांग्रेस की अंदरूनी कलह चर्चा के केंद्र में आ गई. कांग्रेस के पांच विधायकों ने निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल के पक्ष में मतदान किया है. जबकि चार विधायकों के मत रद्द भी हुए हैं.
जिन विधायकों ने गद्दारी की है, कार्रवाई होगी- कांग्रेस
चुनाव नतीजों के बाद हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने कहा है कि जिन विधायकों ने गद्दारी की है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा ने भी कहा है कि पांच विधायकों के नाम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिए गए और पार्टी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.
किन विधायकों पर पार्टी को है शक?
बेशक कांग्रेस नेतृत्व ने नांदल को वोट करने वाले विधायकों के नाम भी तक नहीं बताए हैं. मगर पार्टी की विधायक गीता भुक्कल ने मीडिया को दिए बयान में पांच विधायकों पर शक जताया है. इनमें विधायक मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल, रेनू बाला, जनरैल सिंह और शैली चौधरी के नामों का जिक्र करते हुए उन्होंने इन सभी पर क्रॉस वोटिंग का संदेह जताया है.
राज्यसभा के नतीजों के बाद कांग्रेस में इस्तीफा
चुनाव नतीजों के बाद शैली चौधरी के पति राम किशन गुर्जर ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता और राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी की अंदरूनी कलह को ही हार की बड़ी वजह माना जाता है.
बता दें कि हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान सोमवार (16 मार्च) को हुआ. बीजेपी के संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के खिलाफ करीबी मुकाबले में दूसरी सीट जीत ली. 90 सदस्यों वाले हरियाणा विधानसभा में इंडियन नेशनल लोकदल के दो विधायक मतदान से अलग रहे.