जम्मू और कश्मीर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने संसद में रेल बजट पर चर्चा के दौरान पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान, अमेरिका और इजरायल के युद्ध का जिक्र करते हुए, भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की. मेहदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया.उन्होंने दावा किया कि 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में उनकी हत्या कर दी गई. उन्होंने ईरान केएक स्कूल पर कथित हमले का भी ज़िक्र किया जिसमें 150 से ज्यादा बच्चों की मौत का दावा किया जाता है.
संसद टीवी के अधिकृत यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध वीडियो के अनुसार, मेहदी ने कहा, ‘मैं ईरान के लोगों और दुनिया भर के शांतिप्रिय, न्याय चाहने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. उनके यह कहते ही सत्तारूढ़ दल के एक सदस्य ने कथित तौर पर उन्हें टोका और उनसे “ईरान चले जाने” को कहा. इसके जवाब में मेहदी ने कहा, “मैं ईरान क्यों जाऊं? मैं इजरायल की निंदा कर रहा हूं इससे आपको तकलीफ क्यों हो रही है?’
उन्होंने कहा, ‘हो सकता है कि आपने इजरायल को अपना ‘पिताश्री’ (फादरलैंड) बना लिया हो, हमने नहीं. यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो में देखा जा सकता है कि पीठासीन अधिकारी एन.के. प्रेमचंद्रन के बार-बार रोकने के बावजू मेहदी का शुरुआती संबोधन ईरान और इजरायल पर रहा.
मैं हैदर-ए-कर्रार की नस्ल से- मेहदी
पीठासीन अधिकारी ने उनसे कहा कि कि वह रेल बजट के विषय पर ही रहें. इस के बाद उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को शोपियां और पहलगाम तक प्रस्तावित रेल लाइन को रद्द करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय बाग-बगीचों को नुकसान पहुंचता. उन्होंने चेनाब घाटी के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी और जम्मू के साथ बेहतर जुड़ाव की भी मांग की.
हालांकि कुछ देर बाद मेहदी फिर युद्ध के मुद्दे पर लौट आए और कहा, ‘यहां कुछ लोग हमें पाकिस्तान या ईरान भेजने का सपना देखते हैं.’ अपने वंश का जिक्र करते हुए मेहदी ने कहा ‘मैं हैदर-ए-कर्रार की नस्ल में से हूं. जहां न्याय की होती है, वहां खड़ा होता हूं.’