शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौर पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे की पार्टी के हाईकमान मुंबई में नहीं हैं. भले ही वो नाम शिवसेना लगाते होंगे , उनकी पार्टी की स्थापना अमित शाह ने की है. अमित शाह उनके बॉस हैं. उनकी पार्टी के संस्थापक हैं, दिल्ली में बैठते हैं और गृहमंत्री भी हैं. डिप्टी सीएम अगर उनके मिलने आए हैं तो आश्चर्य की बात क्या है.
‘वो आदेश लेने के लिए अमित शाह से मिलते हैं’
अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिंदे की शिवसेना दोनों के संस्थापक अमित शाह हैं. महाराष्ट्र में क्या हो रहा है, हमको क्या करना है, वो आदेश लेने के लिए दिल्ली में आकर अमित शाह से मिलते हैं. उनकी पार्टी का अंदरूनी मामला है. अपने पार्टी के चीफ से मिलने आए हैं न.
LPG Crisis: ‘सिलेंडर के लिए लगी कतारें, फिर भी CM कहते हैं कि…’, उद्धव गुट ने BJP सरकार को घेरा
राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर क्या बोले?
राज्यसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि क्रॉस वोटिंग हमेशा होती है. बिहार में हो गई. बिहार में पर्याप्त संख्या थी. विपक्ष के एडी सिंह जीत सकते थे. बाद में ओडिशा में हो गया और हरियाणा में गया. बीजेपी को शर्म आनी चाहिए कि पैसा देकर देश के सर्वोच्च सदन में आप पैसे देकर वोट खरीद लेते हो और चुनाव जीतते हो. कब तक ये क्रॉस वोटिंग का खेल चलेगा? लेकिन देश को सजा मिल रही है. संजय राउत ने आगे कहा कि विपक्ष एक साथ है. चाहे ओडिशा हो, बिहार हो या हरियाणा हो.
एलपीजी क्राइसिस पर सरकार को घेरा
एलपीजी क्राइसिस पर उन्होंने कहा कि सरकार पर विश्वास मत करिए. सरकार पुरानी पंडित नेहरू वाली सरकार नहीं है. लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकार नहीं है जो जनता को विश्वास में लेकर कुछ बात करे. दिल्ली और मुंबई में कई किलोमीटर की कतार में लोग खड़े हैं. सरकार को क्या ये नहीं दिखता है? बड़े-बड़े मंदिरों में प्रसाद नहीं मिल रहा है. स्कूल-कॉलेज में कैंटीन बंद हो गई है.
Nagpur News: ‘परीक्षा देने जा रहा हूं…’, बोलकर निकले छात्र ने मॉल की चौथी मंजिल से कूदकर दी जान