बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए बीते सोमवार (16 मार्च, 2026) को मतदान हुआ था. कांग्रेस के तीन विधायक वोटिंग से दूर रहे थे. इसमें मनोज विश्वास भी शामिल हैं. अब उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. वोट नहीं देने के पीछे क्या वजह है इसके बारे में उन्होंने साफ-साफ बताया है.
विधायक मनोज विश्वास ने कहा, “सच्चाई ये है कि हमारे जो प्रदेश अध्यक्ष हैं, बिहार के प्रभारी हैं, जो प्रत्याशी बनाया गया था… इनकी ओर से कोई पहल नहीं की गई थी. जब हमारे ही दल के नेता का सम्मान नहीं होगा तो हमें वोट देने का कोई अधिकार नहीं है.”
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‘हम लोगों के नेता का आदेश था…’
कांग्रेस विधायक ने आगे कहा कि बिहार में पहले चल रहा था कि हिना शहाब (शहाबुद्दीन की पत्नी) को प्रत्याशी बनाया जाएगा, उसके बाद बात चल रही थी कि किसी दलित को प्रत्याशी बनाया जाएगा, लेकिन वैसे प्रत्याशी (आरजेडी के एडी सिंह) को लाया गया जिसके पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं था. वे एक बिजनेसमैन थे. हम लोगों के नेता का आदेश था कि आप लोग वोट दीजिए या न दीजिए ये आप लोगों पर है. यही सच्चाई है. प्रदेश अध्यक्ष का आदेश था कि आप लोग स्वतंत्र हैं.
Patna, Bihar: On not casting his vote in the Bihar Rajya Sabha elections, Congress MLA Manoj Vishwas says, “…There were talks of fielding a Dalit candidate, but within 11 hours, a candidate with no political experience, a businessman, was fielded. Our state president told us… pic.twitter.com/4OimZ5GCBI
— IANS (@ians_india) March 17, 2026
दल के साथ कुछ गलत नहीं किया: मनोज विश्वास
मनोज विश्वास ने यह भी कहा कि हम लोग दल (कांग्रेस) के साथ हैं. दल के साथ हम लोगों ने कुछ गलत नहीं किया है. दल के साथ हमेशा हम लोग चट्टान के साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जब हम लोग वोट मांगने जाते हैं तो लक्ष्य होता है कि जो दबे-कुचले, अल्पसंख्यक हैं, पिछड़ा-अतिपिछड़ा हैं, हम उसकी बात करते हैं, लेकिन चुनाव की बात आती है तो वैसे लोगों को प्रत्याशी बनाया जाता है जो हम लोगों के दल के साथ कभी खड़ा नहीं रहता है. यह सच्चाई है.
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