हरियाणा के यमुनानगर से एक शर्मनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने शिक्षा के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है. मॉडल कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दसवीं कक्षा की परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक शिक्षक ने सात छात्राओं के साथ बैड टच और अश्लील हरकतें कीं. परीक्षा खत्म होते ही डरी-सहमी छात्राओं ने परिजनों को आपबीती सुनाई जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया.
सामाजिक विज्ञान की परीक्षा के दौरान हुई हरकत
यह घटना उस समय की है जब छात्राएं दसवीं कक्षा का आखिरी सामाजिक विज्ञान का पेपर दे रही थीं. दोपहर 12:30 से 3:30 बजे के बीच जब छात्राएं अपने भविष्य की इबारत लिख रही थीं तब ड्यूटी पर तैनात शिक्षक ने अपनी मर्यादा भूलकर एक के बाद एक सात छात्राओं के साथ गलत हरकत की. परीक्षा खत्म होने के बाद जब छात्राओं ने घर पहुंचकर परिजनों को बताया तो परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और वे स्कूल की तरफ दौड़ पड़े.
अभिभावक बोले – परीक्षा देते वक्त भी बच्चियां सुरक्षित नहीं तो कहां भेजें
पीड़ित छात्राओं के अभिभावकों ने कहा कि हम अपनी बेटियों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं कि वहां वे सुरक्षित हैं. अगर स्कूल के अंदर परीक्षा देते समय भी हमारी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं तो हम उन्हें कहां भेजें. उस टीचर ने एक नहीं सात लड़कियों के साथ बदतमीजी की है. हमें इंसाफ चाहिए और इस दरिंदे को ऐसी कड़ी सजा मिलनी चाहिए कि कोई दोबारा ऐसा करने की हिम्मत न करे.
पूरे शहर को किया शर्मिंदा, जांच में ढील न बरती जाए
स्थानीय MC संदीप धीमान ने कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय है. स्कूल को हम शिक्षा का मंदिर मानते हैं लेकिन आज इस हरकत ने पूरे शहर को शर्मिंदा कर दिया है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से स्पष्ट मांग की कि जांच में कोई ढील न बरती जाए और आरोपी अध्यापक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए.
SHO शीलावंती बोलीं – बयान दर्ज हो रहे हैं
महिला पुलिस थाने की SHO शीलावंती ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अध्यापक को हिरासत में ले लिया. छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर उचित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के चयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और हर माता-पिता के मन में डर पैदा कर दिया है.