बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर एनडीए की जीत गई. जेडीयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, बीजेपी से नितिन नवीन और शिवेश राम और आरएलएम से उपेंद्र कुशवाहा विजेता बने. महागठबंधन को झटका लगा. आरजेडी के एक और कांग्रेस के तीन विधायक वोट देने नहीं पहुंचे. चुनाव नतीजों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है.
हमने छह की संख्या पूरी कर ली थी- तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने कहा, “हम इतना जरूर कहना चाहते हैं कि हम सब लोगों को पता था कि महागठबंधा का स्ट्रेंथ 35 था. 6 वोट कम थे. एनडीए के लोगों के लिए तीन वोट कम थे. लेकिन फिर भी हम लोगों ने लड़ने का फैसला किया, उन लोगों के सामने नाक नहीं रगड़ा. उनकी विचारधारा के खिलाफ हम हमेशा लड़ेंगे. चार लोग जो भी अनुपस्थित हुए हैं, उस पर हम बाद में प्रतिक्रिया देंगे. लेकिन आप ये कह सकते हैं कि कुछ लोगों ने धोखा न दिया होता, तो आज हमारी जीत तय थी. क्योंकि छह की संख्या हम लोगों ने पूरी कर ली थी.”
AIMIM के पांच लोगों ने हमारा सहयोग किया- तेजस्वी यादव
इसके आगे उन्होंने कहा, “5 AIMIM के लोगों ने हमारा सहयोग किया. बीएसपी के साथी ने भी हमारा सहयोग किया. बीजेपी का चाल और चरित्र क्या है, छल-कपट, तंत्र-मंत्र, मशीन तंत्र, धनतंत्र, प्रशासन का दुरुपयोग, ये बीजेपी करती रही है. केवल बिहार में ही नहीं, अब तो सुनने में आया है कि कई राज्यों में चुनाव हुआ, वहां भी इस तरह की बातें सामने आई हैं.”
अमरेंद्र धारी सिंह थे आरजेडी के उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से आरजेडी ने अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा था, जिसके बाद पांचवीं सीट को लेकर पेंच फंस गया था. राज्यसभा चुनाव के कारण बिहार की राजनीति में कई बड़े बदलाव होना तय है. नीतीश कुमार के ऊपरी सदन में जाने से राज्य का मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ेगा.