महोबा में अन्नदाताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने सदर तहसील में प्रदर्शन किया. यूनियन के जिलाध्यक्ष रामखेलावन शुक्ला की अगुवाई में एकजुट हुए किसानों ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा.किसानों की सबसे प्रमुख मांग विद्युत आपूर्ति को लेकर है.
वर्तमान में किसानों को सिंचाई के लिए रात में बिजली दी जा रही है, जिससे किसान खेतो की सिंचाई नहीं कर पा रहे है. जंगली जानवरों के खतरे के बीच खेतों की रखवाली करना जानलेवा साबित हो रहा है. किसानों की मांग है कि बिजली की सप्लाई रात के बजाय दिन में सुनिश्चित की जाए. इसके अलावा, ग्राम दमौरा में नए विद्युत पोल लगाने की मांग उठाई गई है ताकि किसान अपने निजी ट्यूबवेल लगवाकर फसलों की सिंचाई कर सकें. ज्ञापन में सरकार की हर घर नल योजना की ज़मीनी हकीकत पर भी सवाल उठाए गए हैं. किसानों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछने के बावजूद अभी भी कई गांवों तक पानी नहीं पहुँच रहा है.
किसान नेता माधुरी दीक्षित ने कहा कि महोबा के बिलबई गांव में एक सार्वजनिक सरकारी रास्ता बंद होने के मामले में कई बार शिकायत की मगर कार्रवाई नहीं हो रही. रास्ता बंद होने से किसान अपने ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खेतों तक नहीं ले जा पा रहे हैं, जिसके लिए रास्ते की पैमाइश कर उसे तुरंत खुलवाने की मांग की गई है.
मजदूर और छोटे किसान पलायन को मजबूर
यूनियन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा कार्य के ठप होने पर भी चिंता जताई है. किसानों का कहना है कि गांवों में मनरेगा के तहत काम नहीं मिल रहा, जिससे मजदूर और छोटे किसान पलायन को मजबूर हैं. प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा.