देहरादून में जल्द शुरू होने जा रहे दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर यातायात पुलिस ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है. पुलिस का कहना है कि एक्सप्रेस-वे चालू होते ही राजधानी में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, जिससे शहर के कई प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या गंभीर रूप ले सकती है. इस संबंध में यातायात पुलिस ने शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजकर संभावित चुनौतियों और समाधान के सुझाव भी दिए हैं.
वर्तमान स्थिति की बात करें तो शहर में आशारोड़ी से ट्रांसपोर्ट नगर चौक तक लगभग तीन किलोमीटर के मार्ग पर यातायात पहले से ही दबाव में है. इस छोटी दूरी को तय करने में कई बार करीब एक घंटे तक का समय लग रहा है. ऐसे में जब एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से शुरू होगा, तब वाहनों का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
एक्सप्रेसवे बनने से वाहनों की संख्या में होगी वृद्धि
यातायात पुलिस के अनुसार, एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और रुड़की से आने वाले पर्यटक वाहनों की संख्या में काफी वृद्धि हो सकती है. इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट नगर, आईएसबीटी, शिमला बाईपास, जीएमएस रोड, राजपुर रोड, मसूरी रोड और विकासनगर मार्ग जैसे प्रमुख रास्तों पर पड़ेगा. इसके अलावा इन मुख्य मार्गों से जुड़े लिंक रोड भी यातायात दबाव की चपेट में आ सकते हैं.
एक्सप्रेसवे शुरू होने से इन मार्गों पर पड़ेगा दबाव
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहर के कुछ हिस्से पहले से ही बाटल नेक प्वाइंट बने हुए हैं. खासतौर पर रिस्पना पुल और जोगीवाला क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनती रहती है. इन स्थानों से ट्रक, बसें, टैंपो ट्रेवलर, स्कूल बसों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निजी दोपहिया और चारपहिया वाहन भी गुजरते हैं. एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद इन मार्गों पर दबाव और अधिक बढ़ सकता है.
इन क्षेत्रों में पैदा हो सकती है जाम की स्थिति
यातायात पुलिस के अनुसार, आईएसबीटी क्षेत्र को भी सबसे संवेदनशील माना जा रहा है. बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाली बसों, पर्यटक वाहनों और निजी गाड़ियों की संख्या बढ़ने से चंद्रबनी, ट्रांसपोर्ट नगर चौक और शिमला बाईपास क्षेत्र में जाम की स्थिति पैदा हो सकती है. वहीं शहर के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र घंटाघर और पलटन बाजार में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पार्किंग और आंतरिक यातायात की समस्या गहरा सकती है.
पुलिस के अनुसार शहर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की कमी भी एक बड़ी चुनौती है. इसके अलावा देहरादून में पूर्ण विकसित बाईपास न होने के कारण बाहरी जिलों से आने वाला ट्रैफिक भी शहर के अंदर से गुजरता है, जिससे आंतरिक मार्गों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.
पुलिस ने तैयार किए डायवर्जन प्लान
स्थिति को देखते हुए यातायात पुलिस ने वाहनों के लिए अलग-अलग डायवर्जन प्लान भी तैयार किया है. इसके तहत यमुनोत्री और विकासनगर जाने वाले वाहनों को ट्रांसपोर्ट नगर तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा, जबकि मसूरी जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने की योजना बनाई गई है. वहीं ऋषिकेश और डोईवाला की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग मार्ग तय किए गए हैं.
ट्रैफिक पुलिस ने सुझाए शॉर्ट टर्म उपाय
यातायात पुलिस ने शहर के लिए कुछ शॉर्ट टर्म उपाय भी सुझाए हैं. इनमें जीएमएस रोड और अन्य लिंक मार्गों का चौड़ीकरण, वेंडिंग जोन का निर्धारण, प्रमुख स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था, स्मार्ट पार्किंग विकसित करना और ई-रिक्शा के पंजीकरण नियमों को सख्त करना शामिल है.
यातायात पुलिस अधीक्षक लोकजीत सिंह के अनुसार एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद आशारोड़ी से देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश की ओर यातायात दबाव बढ़ना तय है. इसे देखते हुए विस्तृत ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें.