पानीपत में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है. उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया ने बताया कि जिले में गैस की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए उत्पादन बढ़ाने से लेकर वितरण व्यवस्था तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
उन्होंने बताया कि पहले पानीपत में प्रतिदिन लगभग 1800 मीट्रिक टन एलपीजी गैस का उत्पादन होता था, जिसे अब बढ़ाकर 2200 मीट्रिक टन कर दिया गया है. इसके लिए आईओसीएल के अन्य संयंत्रों के कार्यों को अस्थायी रूप से सीमित कर एलपीजी उत्पादन पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है.
घरेलू उपभोक्ताओं को दी गई प्राथमिकता
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया कहा कि पानीपत में उत्पादित गैस न केवल जिले बल्कि पूरे हरियाणा राज्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए भेजी जा रही है. यदि आवश्यकता पड़ी तो राज्य से बाहर होने वाली गैस आपूर्ति को रोककर पहले प्रदेश की मांग को पूरा किया जाएगा. उन्होंने ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराना है. इसी कारण फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग को सीमित किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि पहले हर घर में चूल्हा जले, उसके बाद ही फैक्ट्रियां या होटल संचालित हों.
अफवाह से पैनिक न हो उपभोक्ता
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे गैस को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट में न आएं. उन्होंने कहा कि गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए अनावश्यक रूप से एजेंसियों पर भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर ही मान्य होगी और बुकिंग के अनुसार ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा. बिना बुकिंग के किसी भी व्यक्ति को सिलेंडर नहीं दिया जाएगा.
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छोटे सिलेंडरों पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने छोटे सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग पर भी सख्ती दिखाई है. उपायुक्त ने बताया कि छोटे सिलेंडरों की रिफिलिंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है और ऐसे सिलेंडरों को जब्त करने की कार्रवाई जारी है.
जनता को दिया सीधा भरोसा
उपायुक्त ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को बुकिंग के 25 दिन बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिलता है, तो वे सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं. प्रशासन द्वारा तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
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