मध्य प्रदेश के मैहर में चैत्र नवरात्रि मेले को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार 19 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक पूरे नगरपालिका क्षेत्र मैहर में मांस, मछली और अंडे के क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जारी किया गया है.
मां शारदा के दर्शन को देशभर से आते हैं श्रद्धालु
मैहर धार्मिक नगरी होने के कारण नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मां शारदा के दर्शन के लिए देशभर से आने वाले भक्तों की धार्मिक भावनाओं और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह आदेश जारी किया है. हिंदू संगठन भी लंबे समय से नवरात्रि में इन दुकानों को बंद रखने की मांग करते आ रहे थे जिस पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है.
BNS धारा 163 के तहत आदेश
SDM द्वारा जारी यह आदेश सार्वजनिक व्यवस्था और धार्मिक माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी. आदेश की सूचना सार्वजनिक माध्यमों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, समाचार पत्रों, नोटिस बोर्ड, पुलिस थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सभी तक जानकारी पहुंच सके.
श्रद्धालुओं में संतोष, मांसाहार कारोबारियों में चिंता
प्रशासन के इस फैसले के बाद श्रद्धालुओं और धार्मिक संगठनों में संतोष का माहौल है. वहीं मांसाहार कारोबार से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है क्योंकि नौ दिनों तक उनका कारोबार पूरी तरह बंद रहेगा. अब सबकी नजर प्रशासन की सख्ती और निगरानी पर टिकी है. नवरात्रि से पहले मैहर प्रशासन का यह फैसला धार्मिक आस्था, शांति व्यवस्था और नगर की मर्यादा बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.