दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस ऑपरेशन में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक दवाएं बरामद की गई हैं.
क्राइम ब्रांच ने खुफिया जानकारी पर की अहम कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम को 7 मार्च को सूचना मिली थी कि सोनीया विहार निवासी विपिन कुमार पाल नाम का व्यक्ति अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल जैसी दवाओं की अवैध सप्लाई करता है. जानकारी के अनुसार वह यमुना ब्रिज के पास एक व्यक्ति को दवाओं की खेप देने वाला था. सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने शास्त्री पार्क इलाके में जाल बिछाया. करीब रात 8:25 बजे विपिन कुमार पाल एक प्लास्टिक की बोरी के साथ फुटपाथ पर खड़ा दिखाई दिया. कुछ देर बाद पटियाला निवासी सलमान खान वहां ऑटो से पहुंचा. जैसे ही विपिन ने बोरी सलमान को दी, पुलिस टीम ने दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया.
जांच में अल्प्राजोलम टैबलेट के मिले 100 डिब्बे
दिल्ली पुलिस ने जब बोरी की जांच की गई तो उसमें अल्प्राजोलम टैबलेट के 100 डिब्बे मिले. गिनती करने पर कुल 59,925 गोलियां बरामद हुईं जिनका वजन करीब 8.09 किलोग्राम निकला. आरोपियों के पास इन दवाओं का कोई वैध बिल या प्रिस्क्रिप्शन नहीं था. इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह खेप मुजफ्फरनगर निवासी अब्दुल रहमान उर्फ रेहान ने भिजवाई थी और इसे पंजाब के बरनाला में एक व्यक्ति को पहुंचाया जाना था. इसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए 13 मार्च को मुजफ्फरनगर से अब्दुल रहमान और उसके साथी रवि गर्ग को भी गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने रेक्सोजेसिक के दो हजार इंजेक्शन किए बरामद
दिल्ली पुलिस ने उनके किराए के कमरे की तलाशी ली जहां से रेक्सोजेसिक के दो हजार इंजेक्शन बरामद हुए जिनकी मात्रा करीब 8 किलोग्राम बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक यह गैंग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहा था. दिल्ली पुलिस इस सिंडीकेट में शामिल लोगो की तलाश में जुटी हुई है.