मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ वैश्विक तेल और गैस बाजार तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब इसका फायदा साइबर अपराधी भी उठाने लगे हैं. भारत में गैस सप्लाई को लेकर लोगों की चिंता के बीच ठग नए तरीके अपनाकर LPG सिलेंडर जल्दी दिलाने या PNG कनेक्शन कटने का डर दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने इस तरह की ठगी को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है.
ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसका असर भारत में भी महसूस किया जा रहा है. हालांकि आम लोगों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए तेल कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किए हैं.
LPG सिलेंडर की कमी को लेकर फैलाई जा रही अफ़वाह साइबर ठगों द्वारा बुना गया एक झांसा है
इस तरह के किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें और इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें#DPUpdates #CyberScam#LPGCrises#LPGBlackMarketing pic.twitter.com/Dxt7xGM0HG
— Delhi Police (@DelhiPolice) March 12, 2026
मौके का फायदा उठाकर सक्रिय हुए साइबर ठग
गैस सप्लाई को लेकर फैली चिंता के बीच साइबर अपराधियों ने भी नया जाल बिछा दिया है. ठग सोशल मीडिया पोस्ट, फर्जी विज्ञापन और फोन कॉल के जरिए लोगों को झांसा दे रहे हैं. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इन कॉल्स में लोगों को जल्दी गैस सिलेंडर दिलाने या PNG कनेक्शन बंद होने का डर दिखाया जा रहा है.
गैस एजेंसी का कर्मचारी बनकर करते हैं कॉल
एडिशनल कमिश्नर राजीव रंजन ने बताया कि, कई मामलों में ठग खुद को गैस एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर फोन करते हैं. वे पूछते हैं कि क्या आपने अपना LPG सिलेंडर बुक कराया है. जब सामने वाला व्यक्ति हैरानी जताता है तो कॉल करने वाला दावा करता है कि ईरान में युद्ध के कारण भारत में पेट्रोल और LPG की भारी कमी आने वाली है.
लिंक क्लिक करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता
इसके बाद ठग कहते हैं कि अगर तुरंत बुकिंग नहीं कराई गई तो आपके कोटे का सिलेंडर किसी और को दे दिया जाएगा. इस बहाने वे बैंक से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं और एक लिंक भेजते हैं. जैसे ही व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, फोन तक रिमोट एक्सेस लेकर ठग बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं.
मैसेज से फैल रहा जाल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई लोगों को वॉट्सऐप और SMS के जरिए ‘Pay Now, Get Gas Tomorrow’ जैसे मैसेज भी भेजे जा रहे हैं. इसमें जल्दी गैस डिलिवरी का लालच देकर एडवांस पेमेंट मांगा जाता है. गैस कंपनियों ने साफ किया है कि उनकी ओर से बुकिंग के समय इस तरह की कोई मांग नहीं की जाती है.
सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापनों का सहारा
साइबर ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर गैस कंपनियों के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर नकली विज्ञापन भी चला रहे हैं. कई मामलों में लोगों को यह कहकर भी डराया जा रहा है कि बिल जमा नहीं करने पर उनका PNG कनेक्शन काट दिया जाएगा. इस तरह के मैसेज के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.
इन सावधानियों से बच सकते हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि गैस बुकिंग हमेशा कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत ऐप के जरिए ही करनी चाहिए. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और संदिग्ध वेबसाइट पर पेमेंट डिटेल्स बिल्कुल न भरें. इसके अलावा किसी के कहने पर OTP या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा करना भी जोखिम भरा हो सकता है.
ठगी का शिकार होने पर तुरंत करें शिकायत
अगर किसी के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए. इसके साथ ही सरकारी पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराना भी जरूरी है, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और नुकसान कम किया जा सके.
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