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Rajasthan News: जयपुर में भी मिडिल ईस्ट युद्ध का असर, 8 रुपये में खाना देने वाली अन्नपूर्णा रसोई के चूल्हे बंद

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से भारत में रसोई गैस को लेकर जो संकट पैदा हुआ है, उसका असर गरीबों की थाली पर भी देखने को मिल रहा है. राजस्थान की राजधानी जयपुर में गरीबों को आठ रुपए में भर पेट खाना देने वाली अन्नपूर्णा रसोइयों में गैस की कमी की वजह से भोजन बनना बंद हो चुका है. यहां के चूल्हे ठंडे पड़े हुए हैं. खाना अब बाहर से बनकर आ रहा है और जरूरतमंद गरीबों को गरमा-गरम डिशेज के बजाय ठंडा खाना परोसा जा रहा है. घंटों रखा हुआ ठंडा खाना परोसे जाने से लोगों को इसका स्वाद नहीं मिल पा रहा है. 

अशोक गहलोत ने की थी इंदिरा रसोई की शुरुआत 

राजस्थान में  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जरूरतमंद गरीबों को बेहद कम पैसों में भरपेट खाना मुहैया कराने के लिए इंदिरा रसोई की शुरुआत की थी. इंदिरा रसोई में लोगों को महज आठ रुपए में दाल- चावल, रोटी – सब्जी और अचार परोसा जाता था. सत्ता परिवर्तन के बाद भजनलाल शर्मा सरकार ने इंदिरा रसोई का नाम बदलकर अन्नपूर्णा रसोई कर दिया. हालांकि योजना को बंद नहीं किया गया.

राजस्थान के सभी बड़े अस्पतालों में अन्नपूर्णा रसोई का संचालन होता है. पहले ज्यादातर सेंटर्स पर कामर्शियल गैस से चलने वाले चूल्हे पर खाना खुद ही तैयार किया जाता था. कुछ सेंटर्स पर साझा चूल्हा जलता था और दाल – चावल और सब्जी सेंटर्स पर भेज दी जाती थी, जबकि रोटियां लोगों के सामने ही तैयार कर उन्हें गरमा गरम लोगों को परोसी जाती थी. दाल – सब्जी और कढ़ी को हर थोड़ी देर में गर्म कर उसे लोगों को खाने के लिए दिया जाता था. 

कामर्शियल गैस सिलेंडर्स की सप्लाई ठप होने से चूल्हे बंद 

कामर्शियल गैस सिलेंडर्स की सप्लाई ठप होने के बाद अन्नपूर्णा रसोई सेंटर्स में रखे चूल्हे बंद हो चुके हैं. इन पर खाना बनना बंद हो चुका है. ना तो दाल, चावल, सब्जी और कढ़ी तैयार हो पा रही है और न ही गरमा गरम रोटियां. खाना भी गर्म नहीं हो पा रहा है.

अन्नपूर्णा रसोई में आठ रुपए में परोसे जाने वाले कई सेंटर्स के भोजन को इन दिनों एक ही जगह पर लकड़ी के चूल्हों में तैयार किया जा रहा है. इसके बाद  इन्हें सेंटर्स पर भेज दिया जा रहा है. केंद्र पर भेजा गया खाना कुछ ही देर में ठंडा हो जाता है, लेकिन फिर भी इन्हें छह से आठ घंटे बाद तक परोसा जा रहा है. 

ठंडा खाना परोसे जाने से तमाम लोग ने की शिकायत

जयपुर के जेके लोन अस्पताल में संचालित होने वाले अन्नपूर्णा रसोई सेंटर के मैनेजर विशाल के मुताबिक ठंडा खाना परोसे जाने से तमाम लोग शिकायत करते हैं, लेकिन गैस सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से चूल्हा जला पाना मुमकिन नहीं है. उनके मुताबिक जब से यहां का चूल्हा बंद हुआ है और लोगों को ठंडा खाना परोसा जा रहा है तब से यहां लंच और डिनर के लिए आने वाले लोगों की संख्या भी कम हो गई है. 

यहां खाने के लिए पहुंचे लोगों का कहना है कि रोटी और दूसरी डिशेज का टेस्ट तो अच्छा था, पूरा खाना ठंडा होने की वजह से ना तो स्वाद मिला और ना ही मन भरा. यहां आने वाले लोगों ने सरकार से प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर मुहैया कराने की गुहार लगाई है, ताकि गरीब जरूरतमंदों को गरमा गरम खाना मिल सके. कहा जा सकता है कि सात समंदर पार हो रहे युद्ध का असर जयपुर में गरीबों की थाली के स्वाद पर भी पड़ रहा है. लोग ठंडा खाना खाने को मजबूर है. 

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