बिहार में पूर्ण शराबबंदी की जमीनी हकीकत पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया है. जहानाबाद में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने राज्य सरकार के इस कानून को ‘फर्जीवाड़ा’ करार दिया और इसे तत्काल प्रभाव से खत्म करने की मांग की.
उनका स्पष्ट आरोप है कि इस कानून की आड़ में सत्ता से जुड़े लोगों और शराब माफियाओं ने एक समानांतर अर्थव्यवस्था (Parallel Economy) खड़ी कर ली है.
Jehanabad, Bihar: Jan Suraaj Party founder Prashant Kishor says, “…Liquor is continuously coming into Bihar from other states. We have seen that five people have died, and this is not the first such incident” pic.twitter.com/WWS2gKDBSX
— IANS (@ians_india) March 14, 2026
राजस्व का भारी नुकसान और माफियाओं की चांदी
प्रशांत किशोर ने शराबबंदी के आर्थिक और प्रशासनिक खोखलेपन को उजागर करते हुए तंत्र पर गंभीर आरोप लगाए. राज्य सरकार को हर साल लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. जो पैसा बिहार के विकास में लगना था, वह अब सीधे शराब माफियाओं और भ्रष्ट नेताओं की जेब में जा रहा है.
होम डिलीवरी का सिंडिकेट
शराबबंदी सिर्फ कागजों तक सीमित है. हकीकत में, अन्य राज्यों से धड़ल्ले से तस्करी हो रही है और बिहार के हर गांव-कस्बे में शराब आसानी से बिक रही है. भ्रष्ट तंत्र जानबूझकर इसे जारी रखना चाहता है ताकि उनकी अवैध कमाई न रुके.
नशे की नई खेप और मौतों का डरावना आंकड़ा
पीके ने शराबबंदी के सामाजिक दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे राज्य की युवा पीढ़ी बर्बादी की कगार पर है. शराबबंदी के बाद बिहार के गांवों में एक नया और खतरनाक ट्रेंड शुरू हुआ है. शराब न मिलने या महंगी होने के कारण युवा अब गांजा, स्मैक जैसे ‘सूखे नशे’ (Dry Drugs) का शिकार हो रहे हैं, जो पहले बिहार की सच्चाई नहीं थी.
जहरीली शराब से मौतों का तांडव
हाल ही में जहरीली शराब से हुई 5 लोगों की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि छपरा में एक साथ 70-80 लोग मारे गए थे. 2016 के बाद से अब तक 5,000 से अधिक लोग जहरीली शराब का शिकार हो चुके हैं, लेकिन सरकार अपनी जिद पर अड़ी है.
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि इस कानून से समाज का कोई भला नहीं हुआ है, बल्कि इसने भ्रष्टाचार और मौतों का एक नया नेक्सस तैयार कर दिया है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए.