Skip to content

Mathura News: सनराइजर्स के पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदने पर भड़के संत, PM मोदी को लिखा पत्र

सनराइजर्स हैदराबाद द्वारा पाकिस्तानी क्रिकेटर खरीदने पर संतों में उबाल दिख रहा है. इस बीच फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है कि काव्या मारन को पाकिस्तान भेज दिया जाए. बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद ने पाकिस्तानी क्रिकेटर अबरार अहमद को करोड़ों रुपये खरीदा था. इसके तुरंत बाद ही विरोध शुरू हो गया था. वहीं सनराइज़र्स हैदराबाद को बैन करने की भी मांग उठ गई है.

फलाहारी महाराज ने जताया विरोध

फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपना विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान से दौलत और शौहरत कमाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि काव्या मारन का पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए दिल धड़कता है.

फलाहारी महाराज ने आगे कहा कि पाकिस्तानी आतंकी हिंदुस्तान में निर्दोष लोगों की हत्या करते हैं. जिसकी वजह से भारतीय सेना बॉर्डर पर अरबों रुपए का गोला बारूद फूंकती है. वहीं पाकिस्तानी आतंकी धर्म पूछकर हत्या करते हैं. फलाहारी महाराज ने मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान समर्थकों की लिस्ट बनाकर उनको बॉर्डर पार भेज दिया जाए.

सनराइजर्स हैदराबाद ने अबरार अहमद को खरीदा

सनराइजर्स लीड्स ने बृहस्पतिवार को ‘द हंड्रेड’ खिलाड़ी नीलामी के दौरान स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा जिससे वह टूर्नामेंट में किसी भारतीय के मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा करार किए जाने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए.  

ट्रेंट रॉकेट्स के साथ बोली लगाने की होड़ के बाद सनराइजर्स ने अबरार अहमद की सेवाएं लेने के लिए 1 लाख 90 हजार पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) दिए. बता दें कि आईपीएल की फ्रेंचाइजी ने 2009 से दोनों पड़ोसी देशों के बीच खराब राजनयिक रिश्तों के कारण उनसे कोई अनुबंध नहीं किया है.

अबरार के खरीदे जाने के बाद देशभर में बवाल मच गया. एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदे जाने के लिए काव्या मारन और सनराइजर्स हैदराबाद का जमकर विरोध शुरू हो गया है. अब इस विरोध में संत समाज भी कूद पड़ा है. इस कदम से सभी में आक्रोश देखा जा रहा है. 

ये भी पढ़ें: Kashiram Jayanti: राष्ट्रपति बन सकते थे कांशीराम, इसलिए ठुकराया पद, आज भी होती है इस बात की चर्चा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *