इंदौर नगर निगम ने शहर की प्रसिद्ध जगहों के नये नामकरण का सिलसिला जारी रखते हुए छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी स्टेडियम करने का फैसला किया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. इस निर्णय से नाराज कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की विरासत का अपमान कर रही है.
अधिकारियों ने बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को आयोजित महापौर परिषद की बैठक में तय किया गया कि ‘छोटा नेहरू स्टेडियम’ के रूप में प्रसिद्ध जगह का नाम बदलकर ‘छत्रपति शिवाजी स्टेडियम’ किया जाएगा. प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं.
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. शहर की जनता ने जवाहरलाल नेहरू के सम्मान में इस स्टेडियम को यह नाम दिया था. अंग्रेजों से लड़कर देश को आजाद कराने वाले नेहरू की विरासत का भाजपा अपमान कर रही है.’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि भार्गव की अगुवाई वाली महापौर परिषद शहर के निवासियों को शुद्ध पानी और सुगम यातायात व्यवस्था देने में कथित रूप से नाकाम रही है और ‘ऊट-पटांग फैसले इस परिषद की रीति-नीति बन चुके हैं.’
महापौर भार्गव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘मैं कांग्रेस नेताओं से पूछना चाहता हूं कि उनकी पार्टी में आखिर छोटा नेहरू है कौन? वैसे नेहरू (प्रथम प्रधानमंत्री) की नीतियों के परिणाम हम आज तक भुगत रहे हैं.’’ अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम ने ‘छोटा नेहरू स्टेडियम’ के रूप में मशहूर जिस जगह का नामकरण ‘छत्रपति शिवाजी स्टेडियम’ के रूप में करने का फैसला किया है, वह शहर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से सटी है और इस जगह के पास शिवाजी का बरसों पुराना प्रतिमा स्थल है.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का नाम नहीं बदला गया है. इससे पहले, भार्गव की अगुवाई वाली महापौर परिषद शहर के ‘रेसीडेंसी क्षेत्र’ का नाम बदलकर ‘शहीद क्रांतिकारी बख्तावर सिंह क्षेत्र’ और ‘रेसीडेंसी कोठी’ का नाम बदलकर ‘शिवाजी कोठी’ कर चुकी है.