Skip to content

‘मैं 5 बार सांसद बना, तब गिरिराज सिंह पैदा भी नहीं हुए थे’, लोकसभा में भड़के पप्पू यादव, ‘भूंजे’ पर हुई बहस

लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बिहार के 2 सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बोल रहे थे, तभी बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने उन्हें टोक दिया. बस इसी के बाद इन दोनों नेताओं के बीच सदन में कुछ देर तक तीखी बहस चली और माहौल गर्म हो गया. स्थिति को संभालने के लिए आसन पर बैठे उपसभापति जगदंबिका पाल को हस्तक्षेप करना पड़ा.

बहस के दौरान पप्पू यादव ने गिरिराज सिंह पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जब वह पांच बार सांसद बन चुके थे तब गिरिराज सिंह पैदा भी नहीं हुए थे. उन्होंने यह भी कहा कि गिरिराज सिंह कभी उनके घर आकर भूंजा खाते थे. पप्पू यादव ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो निर्दलीय चुनाव लड़कर जीतकर दिखाएं.

उन्होंने आगे कहा कि कई नेता पार्टी के नाम पर चुनाव जीतते हैं, लेकिन असली ताकत जनता के समर्थन से सामने आती है. इस टिप्पणी के बाद सदन में कुछ देर तक शोरगुल की स्थिति बनी रही. हालांकि बाद में अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ और चर्चा आगे बढ़ी.

अटल सरकार को लेकर भी हुई तकरार

बहस के दौरान गिरिराज सिंह ने पप्पू यादव से सवाल किया कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय वह कहां थे. इस पर पप्पू यादव ने जवाब देते हुए कहा कि वह उस समय मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने बताया कि फेडरल डेमोक्रेटिक पार्टी उस समय सरकार का हिस्सा थी और वह लंबे समय से संसदीय राजनीति में सक्रिय हैं.

पप्पू यादव ने कहा कि वह 1990 से लगातार संसदीय जीवन में सक्रिय हैं और इस दौरान उन्हें कई लोकसभा स्पीकर के साथ काम करने का मौका मिला है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव और चंद्रशेखर का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया था और मार्गदर्शन भी दिया.

जगदंबिका पाल के हस्तक्षेप से शांत हुआ माहौल

दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बहस को देखकर आसन पर बैठे उपसभापति जगदंबिका पाल ने तुरंत हस्तक्षेप किया. उन्होंने दोनों सांसदों से शांत रहने और अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े विषय पर ही अपनी बात रखने की अपील की. उनके हस्तक्षेप के बाद पप्पू यादव ने अपना भाषण जारी रखा और सदन का माहौल धीरे-धीरे सामान्य हो गया.

पप्पू यादव पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं और सात बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं. 2024 के चुनाव में कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी. वहीं गिरिराज सिंह बेगूसराय से भाजपा सांसद हैं और उन्हें पार्टी के फायरब्रांड नेताओं में गिना जाता है. वह पहले केंद्र और बिहार सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *