दिल्ली में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है. इस अभियान के तहत 1 जनवरी 2025 से 3 मार्च 2026 के बीच करीब 1.5 लाख अवैध शराब की बोतलें जब्त की गई हैं. इस दौरान तस्करों के खिलाफ 816 एफआईआर दर्ज की गईं. अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राजधानी में अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
सरकार की ओर से अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए थे. इसके बाद पुलिस और आबकारी विभाग ने मिलकर कई इलाकों में लगातार छापेमारी शुरू की. अधिकारियों के मुताबिक, सीमावर्ती इलाकों और उन जगहों पर खास निगरानी रखी जा रही है जहां से अवैध शराब की तस्करी होने की आशंका रहती है.
टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और संदिग्ध वाहनों की जांच भी की जा रही है. कई मामलों में शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई है, जिसे दूसरे राज्यों से लाकर दिल्ली में बेचा जा रहा था.
कई तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क पर नजर
कार्रवाई के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है. कोशिश है कि सिर्फ छोटे तस्करों पर ही नहीं, बल्कि इस अवैध कारोबार को चलाने वाले बड़े गिरोहों तक भी पहुंचा जाए.
अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार सिर्फ राजस्व का नुकसान नहीं करता, बल्कि कई बार लोगों की जान के लिए भी खतरा बन जाता है. इसलिए इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
पिछले साल से ज्यादा सख्ती
प्रशासन के मुताबिक इस बार की कार्रवाई पिछले साल के मुकाबले ज्यादा तेज और प्रभावी रही है. जब्त की गई शराब की मात्रा और दर्ज एफआईआर की संख्या भी बताती है कि अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने की कोशिश लगातार जारी है.
आबकारी विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी यह अभियान जारी रहेगा. पुलिस और विभाग की संयुक्त टीमें राजधानी के अलग-अलग इलाकों में निगरानी बढ़ाकर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेंगी, ताकि दिल्ली में अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके.