नोएडा की थाना साइबर पुलिस और मेरठ जोन की स्पेशल साइबर कमांडो टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट सोलर स्पाइडर का भंडाफोड़ किया है. इस खतरनाक थ्रेट एक्टर से जुड़े दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है जो देश के को-ऑपरेटिव बैंकों को निशाना बनाकर 60 से 80 करोड़ रुपये की सेंध लगाने की फिराक में थे.
गुजरात बैंक से 7 करोड़ ट्रांसफर कर चुके थे, छुट्टी का उठाया था फायदा
DCP साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि 7-8 मार्च की छुट्टी का फायदा उठाकर उन्होंने गुजरात के एक बैंक से 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे. लूटी गई रकम को म्यूल अकाउंट्स के जरिए घुमाकर क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका भेजने की योजना थी. यह गिरोह को-ऑपरेटिव बैंकों की तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दे रहा था.
I4C के साथ मिलकर ट्रैक किया ट्रांजेक्शन, करोड़ों की चोरी रोकी
DCP शैव्या गोयल ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया. Indian Cyber Crime Coordination Centre यानी I4C के साथ मिलकर बैंक ट्रांजेक्शन को समय रहते ट्रैक किया गया जिससे करोड़ों रुपये की और चोरी होने से बचा ली गई. गिरफ्तार आरोपियों के अंतरराष्ट्रीय लिंक पाए गए हैं और पुलिस अब इनके बाकी साथियों और देश में फैले नेटवर्क की तलाश में जुटी है.
सभी को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए जारी हुई विशेष एडवाइजरी
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने इस घटना के बाद सभी को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल और सिस्टम वल्नरेबिलिटी की तुरंत समीक्षा करें. छुट्टियों के दौरान मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत रखें तथा किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें.