गाजियाबाद के थाना मसूरी क्षेत्र के नाहल गांव में पुलिस ने 6 युवाओं को गिरफ्तार किया है. जो आतंकवादी बनना चाह रहे थे, यह सभी प्रतिबंध पाकिस्तान आतंकवादी ग्रुपों को फॉलो करते थे लाइक करते थे और उनसे ट्रेनिंग के वीडियो देखा करते थे. गैंग के लीडर ने अपना नाम जिहादी रख लिया था. नाहल वही गांव है जहां कुछ दिन पहले दबिश के दौरान नोएडा पुलिस के कास्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी थी. जांच एजेंसियां अब इन गिरफ्तार युवकों से पूछताछ कर रही है.
गाजियाबाद की थाना मसूरी पुलिस ने सावेज उर्फ जिहादी, इकराम, जावेद, जुनैद, फरदीन और फजरु को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने जानकारी दी है कि जैश-ए-मौहम्मद और फरातुल्ला गौरी प्रतिबंधित संगठनों को ये सभी फॉलो और लाइक करते थे. इसके अलावा आतंवादी ग्रुप के ट्रेनिंग के वीडियो देखा करते थे. ये खुद तो देखते ही थे साथ ही अन्य लोगो को उकसाते थे.
इनको उकसाने वाला लीडर सावेज उर्फ जिहादी है जो परचून की दुकान पर काम करता है. इकराम वकील है और इस की माँ मूल रूप से बांग्लादेश की रहने वाली है, उसने गलत जानकारी देकर गाजियाबाद से पासपोर्ट बनवाया है उसपर भी मुकदमा लिखा जा रहा है. जावेद आलिम तक पढ़ा है और मदरसा चला रहा है. जुनैद एलएलबी का छात्र है. फरदीन और फजरु मजदूरी करते थे और सावेज उर्फ जिहादी से प्रभवित थे.
यूएपीए के तहत केस दर्ज
इनके खिलाफ थाना मसूरी पर बीएनएस की धारा 152,196, 61(2) और यूएपीए एक्ट 18, 38, 39 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इनमें सावेज की उम्र महज 20 साल है वहीं फरदीन 22 जुनैद 23 इकराम 36 जावेद 45 और फजरू 48 वर्ष का है. इस मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद की पुलिस की सोशल मीडिया टीम के निगरानी के दौरान यह मामला सामने आया था. यह सभी राष्ट्रीय विरोधी गतिविधियां कर रहे थे इस मामले में मसूरी थाने ने सारी छानबीन करी.