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‘पता नहीं इसे मुझसे क्या दिक्कत थी’, जानलेवा हमले पर फारूक अब्दुल्ला की पहली प्रतिक्रिया, कहा- मुझे पटाखे जैसा लगा

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दु्ल्ला पर एक कार्यक्रम में जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई. बुधवार, 11 मार्च को फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जहां एक शख्स भरी हुई पिस्तौल लेकर उनके बेहद करीब आ गया. उसने कुछ राउंड फायरिंग भी की. गनीमत रही कि फारूक अब्दु्ल्ला और कार्यक्रम में शामिल अन्य लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा.

फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने खुदा का शुक्रिया अदा किया कि सभी सलामत हैं. गुरुवार, 12 मार्च की सुबह फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “मैं ठीक हूं, खुदा ने मुझे बचा लिया.”

‘मैंने सबकी मदद की, इसे क्या दिक्कत थी’- फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि वह बिल्कुल ठीक हैं. उन्होंने कहा, “मुझे कुछ आवाज आई, तो मुझे  पटाखे जैसा लगा. सबने मुझे जल्दी जल्दी गाड़ी में बैठाया. हमें बताया गया कि साहब गोली चली है.”

एनसी अध्यक्ष ने बताया कि वह हमलावर को नहीं जानते और फायरिंग के पीछे क्या मकसद था, उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं है. फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “मेरे पासे जो भी आया मैंने सबकी मदद की. पता नहीं इसे क्या दिक्कत थी.”

हमलावर ने फारूक अब्दुल्ला पर पीछे से चलाई थी गोली

हमलावर की पहचान कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है, जिसने फारूक अब्दुल्ला को टारगेट करते हुए कार्यक्रम में फायरिंग की थी. यह घटना शहर के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में आयोजित समारोह के दौरान हुई. जब फारूक अब्दुल्ला समारोह स्थल से निकल रहे थे, तभी हमलावर ने पीछे से उन पर गोली चला दी, फारूक बाल-बाल बाल-बाल बच गए.

सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम? 

फारूक अब्दुल्ला का दावा है कि कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे. उनकी खुद की सिक्योरिटी टीम औ एक अन्य मंत्री की सुरक्षा टीम उनके साथ थी. 

अमित शाह ने रात में ही किया फोन

फारूक अब्दुल्ला ने आगे बताया कि रात में ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का उन्हें फोन आया था. उन्होंने बताया था कि हमने हमलावर को पकड़ लिया है और आगे की पूरी जांच की जा रही है. 

इस बीच फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, “वतन में जो नफरत है ना, उसने जड़ें पकड़ ली हैं. हर धर्म मोहब्बत सिखाता है, प्यार सिखाता है, एक दूसरे की मदद सिखलाता है. आज देखिए हालात क्या हैं?”

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