उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के चौफेरवा स्थित एक घर के कमरे में खून से लथपथ तीन शव मिलने के बाद से हड़कंप मचा रहा. बुधवार देर रात जनपद में आए ADG और आईजी ने मृतक की जेब में मिले सुसाइड नोट को देख सुसाइड नोट में चार लोगों के नाम को देखकर उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने के लिए लाई. जहां कोतवाली में देर रात अधिवक्ताओं ने घेराव कर हंगामा काटा. हालांकि ADG ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.
सदर कोतवाली में अधिवक्ताओं के हंगामे के बाद जहां पुलिस तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर प्रत्येक बिंदुओं की जांच में जुटी थी, तो वहीं अब सुसाइड नोट ने पूरा एंगल ही चेंज कर दिया. अधिवक्ताओं ने कहा कि दीपक और उसके तीन साथियों को लेकर आई पुलिस, जिनसे पूंछताछ की जा रही है.
निर्दोष को न फंसाने की अपील
अधिवक्ता धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि जिस वक्त घटना हुई उस वक्त उनका एक साथी उनके पास था. इस घटना में किसी निर्दोष को न फंसाए जाने को लेकर मांग की. हालांकि इस मामले में पुलिस ने सुशील श्रीवास्तव की तहरीर पर BNS की धारा 108 के तहत पांच नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. आरोपियों में पप्पू, संजय सिंह, शुभम, सोनू और राहुल श्रीवास्तव के नाम मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई में जुट गईं.
अमर में सुसाइड नोट में पांच लोगों का नाम लिखा
सुसाइड में जहां अमर ने पांच लोगों को कर्ज के नाम पर परेशान करने का आरोप लगाकर अपनी मां और चाची की ब्लेड से गला काटकर स्वयं सल्फास खाकर खुद ब्लेड से गला काटकर आत्महत्या कर ली. सदर कोतवाली पुलिस की माने तो अमर बिस्किट चॉकलेट और चीनी का सप्लायर था. सुसाइड नोट में लिखा कि संजय सिंह ने उसके बारे में लोगो को भड़का दिया, उस लड़की का सामान भी पूरा पैसा पप्पू उर्फ दिलीप त्रिवेदी खा गया, फिर सप्लाई का काम किसी तरह चालू किया. यह शुभम सोनू ने जानकर उसका नुकसान करवा दिया. राहुल श्रीवास्तव को पैकेट वापस करने के बाद उसकी चेक लेकर उसे ब्लैक मेल कर फर्जी SC/ST का मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देने से परेशान होकर यह कदम उठाया है.