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महाराष्ट्र: खेती, सिंचाई से लेकर घर तक, ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए क्या है फडणवीस सरकार का प्लान?

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत होती जा रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि अगर महाराष्ट्र एक अलग देश होता, तो दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में उसका स्थान लगभग 30वें नंबर पर होता. उन्होंने दावा किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसे देशों से भी बड़ी हो चुकी है.

फिलहाल महाराष्ट्र विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है. 6 मार्च को फडणवीस ने 2026-27 का बजट पेश किया था, जिसमें कई बड़े ऐलान किए गए. इस बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार चर्चा हो रही है. विपक्ष विकास, निवेश, रोजगार और खेती जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछ रहा है, वहीं सरकार अपने कामों और आने वाली योजनाओं का ब्योरा दे रही है.

11 मार्च को बजट पर सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए फडणवीस ने राज्य की आर्थिक स्थिति, खेती, सिंचाई और विकास योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में महाराष्ट्र देश का पहला ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन सकता है.

निर्यात और स्टार्टअप में महाराष्ट्र आगे

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और राज्य कई क्षेत्रों में देश में नंबर वन बन चुका है. उन्होंने बताया कि निर्यात के मामले में महाराष्ट्र देश में पहले स्थान पर है.

उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में भी महाराष्ट्र सबसे आगे है. इसके अलावा वृक्षारोपण के मामले में भी राज्य ने देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है. फडणवीस के अनुसार राज्य की विकास दर देश की जीडीपी से भी ज्यादा है.

फिलहाल भारत की कुल जीडीपी में महाराष्ट्र का योगदान करीब 14.3 प्रतिशत है. उनका कहना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले समय में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था यूएई और सिंगापुर जैसे देशों की अर्थव्यवस्था को भी पीछे छोड़ सकती है.

राजस्व और विकास दर में बड़ा इजाफा

फडणवीस ने बताया कि राज्य की वित्तीय स्थिति भी मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत के भीतर रखा गया है, जबकि राजस्व घाटा 1 प्रतिशत से भी कम है.

उन्होंने बताया कि साल 2013-14 में राज्य की राजस्व आय करीब 1 लाख 55 हजार करोड़ रुपये थी. अब यह बढ़कर लगभग 6 लाख 16 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.

कोविड महामारी के दौरान राज्य को अतिरिक्त कर्ज लेना पड़ा था, लेकिन उसके बाद आर्थिक स्थिति तेजी से सुधरी है. फडणवीस के अनुसार साल 2022 के बाद से राज्य की विकास दर करीब 14 प्रतिशत रही है, जो काफी बेहतर मानी जा रही है.

लाखों लोगों को मिल रहे घर

सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए फडणवीस ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत अब तक करीब 30 लाख लोगों को घर दिए जा चुके हैं. 

उन्होंने कहा कि इन घरों की पहली किस्त जारी हो चुकी है और कई लाभार्थियों को जल्द दूसरी किस्त भी मिलने वाली है. खास बात यह है कि इन घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की भी योजना है, जिससे लोगों को बिजली के खर्च में राहत मिल सकेगी.

पानी और सिंचाई पर बड़ा फोकस

फडणवीस ने सिंचाई और जल परियोजनाओं को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य ने नदी जोड़ परियोजनाओं के बिना ही करीब 70 प्रतिशत सिंचाई क्षमता विकसित कर ली है.

उन्होंने बताया कि राज्य में 3123 लघु सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से करीब 3000 परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. इसके अलावा नदी जोड़ परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है. उल्हास घाटी का पानी मोड़ने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे मराठवाड़ा क्षेत्र को करीब 72 टीएमसी पानी मिल सकेगा.

फडणवीस ने यह भी बताया कि गारगाई जल परियोजना को मंजूरी दे दी गई है. उनका कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अगले 30 से 40 साल तक मुंबई महानगर क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होगी.

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