समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सांसद ने बुधवार को सरकार पर अमेरिका के सामने झुकने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमेनेई ने अमेरिका के आगे घुटने नहीं टेके, बल्कि शहादत को गले लगाया.
लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए सपा सांसद आनंद भदौरिया ने यह बात कही.
उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि गाजा-इजराइल संघर्ष के बाद विश्व के कौन से देश के प्रधानमंत्री ने इजराइल का दौरा किया. मैं जानना चाहता हूं कि किस की सलाह पर प्रधानमंत्री ने युद्ध के मुहाने पर खड़े देश का दौरा किया.’
भदौरिया ने कहा, ‘हम सलाम करते हैं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमेनेई को, जिन्होंने अमेरिका के आगे घुटने नहीं टेके बल्कि शहादत को गले लगाया. आपने (सरकार ने) अमेरिका के आगे घुटने टेक लिए.’
‘मैं बोलता हूं तो इल्जाम बगावत का लगता है…’
अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा- मैं बोलता हूं तो इल्जाम बगावत का लगता है, और अगर चुप रहूं तो बेबसी महसूस होती है. आज 39 साल बाद भारतीय जनता पार्टी सरकार के कामकाज के कारण विपक्ष को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है.
कल संसदीय कार्य मंत्री को बड़े गौर से सुन रहा था. उन्होंने बड़ी चालाकी से विपक्ष पर ही आरोप मढ़ दिया कि विपक्ष देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रहा है. सच यह है कि 2014 के बाद देश की लगभग हर संवैधानिक संस्था का राजनीतिकरण किया गया है. उनका संघीकरण और बीजेपीकरण किया गया है. अब लोकतंत्र के इस पवित्र मंदिर के आसन को भी उसी दिशा में ले जाने की कोशिश हो रही है. आसन की मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है.
सपा सांसद ने कहा कि स्पीकर ओम बिरला से उन्हें या उनकी पार्टी को कोई शिकायत नहीं है और लोकसभा अध्यक्ष ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सदन में बोलने के लिए भरपूर समय दिया है, लेकिन भाजपा के कृत्यों के कारण बिरला के खिलाफ प्रस्ताव लाना पड़ा है.