बिहार पुलिस मुख्यालय ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध और तनावपूर्ण स्थिति के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सभी जिलों के डीएम और एसपी को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मुख्यालय की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए और जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए.
मुख्यालय द्वारा मंगलवार (10 मार्च, 2026) को जारी पत्र में कहा गया है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में कमी आ सकती है. इससे राज्य में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की किल्लत होने की संभावना है. ऐसी स्थिति में गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों और विक्रेताओं पर आम नागरिकों की भीड़ बढ़ सकती है, जिससे अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है. साथ ही कुछ असामाजिक तत्व जमाखोरी और कालाबाजारी कर सकते हैं.
विधि-व्यवस्था के लिए तैनात किए जाएं समुचित पुलिस बल
सभी डीएम और एसपी से कहा गया है कि अपने-अपने जिलों में गैस एजेंसियों, पेट्रोल पंपों और विक्रेताओं के आसपास सतत निगरानी रखी जाए. विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समुचित पुलिस बल तैनात किया जाएं. जमाखोरों और कालाबाजारियों पर विशेष नजर रखी जाए और नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जिला प्रशासन आपूर्ति विभाग के साथ समन्वय स्थापित करे और आवश्यकता पड़ने पर जनता को वस्तुस्थिति से अवगत कराए. इससे अफवाहें फैलने से रोका जा सकेगा और जनता में अनावश्यक घबराहट नहीं होगी.
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‘यह निर्देश पूर्वानुमानित तैयारी का हिस्सा’
बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह निर्देश पूर्वानुमानित तैयारी का हिस्सा हैं. वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिसका असर देश की पेट्रोलियम आपूर्ति पर पड़ सकता है. बिहार में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग पहले से ही अधिक है, इसलिए ऐसी स्थिति में जमाखोरी की आशंका बढ़ जाती है.
पुलिस ने सभी जिलों में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के आसपास अतिरिक्त गश्त बढ़ाने के आदेश दिए हैं. साथ ही खुफिया विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जमाखोरी की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए. बिहार में पहले भी कई बार पेट्रोल-डीजल की कमी के दौरान कालाबाजारी के मामले सामने आए हैं, इसलिए इस बार पूर्व सतर्कता बरती जा रही है.
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