संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया. इस बार उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के लिए यह परिणाम बेहद गर्व और खुशी का अवसर लेकर आया है. जिले के तीन होनहार युवाओं ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है.
पहले ही प्रयास में अभिजीत ने AIR 294 रैंक हासिल की
इनमें सबसे पहले नाम अभिजीत नंदन वर्मा का है, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 294वीं रैंक हासिल की है. अभिजीत ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से पूरी की है. उनके पिता डॉ. जगन्नाथ वर्मा एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं. अभिजीत का कहना है कि उनकी सफलता के पीछे कड़ी मेहनत, अनुशासन और पिछले सालों के प्रश्न पत्रों (PYQs) का गहन विश्लेषण प्रमुख कारण रहा.
BDO पद पर कार्यरत होने के बाद भी IAS बनने का सपना किया सकार
दूसरे सफल अभ्यर्थी अनुपम कुमार वर्मा हैं, जो बाराबंकी जिले के मुबारकपुर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. अनुपम ने भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. खास बात यह है कि अनुपम वर्तमान में उत्तर प्रदेश में खंड विकास अधिकारी (BDO) के पद पर कार्यरत थे. उनके पिता पेशे से किसान हैं और उनकी माता शिक्षा मित्र के रूप में कार्य करती हैं. अनुपम का चयन साल 2022 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) में भी हो चुका था, लेकिन उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) बनना था. अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी और आखिरकार UPSC 2025 में सफलता हासिल कर अपने सपने को साकार कर दिखाया.
वहीं बाराबंकी जिले के तीसरे होनहार सुयश द्विवेदी ने भी UPSC 2025 की अंतिम सूची में अपना स्थान सुरक्षित किया है. उनकी इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है. तीनों युवाओं की इस सफलता ने जिले के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा दी है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.