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UP में PM आवास योजना के लिए योगी सरकार का अहम निर्णय, EWS और LIG श्रेणी वालों की बल्ले-बल्ले

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत भागीदारी में किफायती आवास और किफायती किराया आवास घटकों के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार नई नीति जारी करने जा रही है. भारत सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में इन दोनों घटकों के संचालन के लिए 2026 की नीति प्रस्तावित की गई है.

योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण की सीमा में बदलाव किया गया है. पहले ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के लिए जो सीमा थी, उसे बढ़ाकर अब 9 लाख रुपये तक कर दिया गया है. इसके साथ ही इन वर्गों के लिए बनने वाले आवासों का क्षेत्रफल 30 वर्गमीटर तक निर्धारित किया गया है.

इस योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी. प्रत्येक आवास पर केंद्र सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी.

योजनांतर्गत वाइटलिस्टेड परियोजनाओं में काम करने वाले विकासकर्ताओं को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा. इसके तहत भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क, मानचित्र स्वीकृति और बाह्य विकास शुल्क में छूट का प्रावधान किया गया है. साथ ही लाभार्थियों को स्टाम्प शुल्क में भी राहत दी जाएगी.

किफायती किराया आवास मॉडल-2 के तहत शहरी गरीबों, कामकाजी महिलाओं, उद्योगों और औद्योगिक संपदाओं में काम करने वाले कर्मचारियों तथा अन्य पात्र ईडब्ल्यूएस और एलआईजी परिवारों के लिए किराये के आवास बनाने का प्रावधान किया गया है. इन आवासों का निर्माण, संचालन और रखरखाव निजी या सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा किया जा सकेगा.

अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण का प्रस्ताव

इसके साथ ही अयोध्या में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके लिए नजूल भूमि को नगर निगम के पक्ष में हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है.

जिलाधिकारी अयोध्या की ओर से नगर आयुक्त, नगर निगम अयोध्या के पत्र के आधार पर यह प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है. प्रस्ताव के अनुसार चक संख्या 4, मोहल्ला वशिष्ठ कुंड, परगना हवेली अवध, तहसील सदर स्थित नजूल भूमि को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए नगर निगम अयोध्या को हस्तांतरित किया जाएगा.

यह भूमि गाटा संख्या 1026, 1027, 1029, 1030, 1031, 1033 (मि.) और 1035 की कुल 7 किता भूमि है, जिसका कुल क्षेत्रफल 2500 वर्गमीटर है.

प्रस्ताव में इस भूमि को नगर निगम अयोध्या के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने का अनुरोध किया गया है. साथ ही जिलाधिकारी की सर्किल दर के आधार पर निर्धारित शुल्क में छूट प्रदान करते हुए इसे कुछ शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन आवंटित करने का प्रस्ताव रखा गया है.

दस्तावेज में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह हस्तांतरण अपवादस्वरूप किया जाएगा और इसे भविष्य में उदाहरण के रूप में नहीं माना जाएगा.

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