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यूपी में Ola, Uber के लिए नए कानून, अब करना होगा ये काम नहीं तो होगी मुश्किल, कैबिनेट में प्रस्ताव पास

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 93 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है. इसके तहत ओला और उबर जैसी कंपनियों को अब उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और यह रजिस्ट्रेशन पांच वर्ष के लिए मान्य रहेगा. साथ ही भारत सरकार के एक्ट में किए गए संशोधन को भी अपनाया जाएगा.

ओला, ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को अब पंजीयन विभाग में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, मेडिकल और वेरिफिकेशन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी किए कोई भी ओला-ऊबर या अन्य एग्रीगेटर टैक्सी संचालित नहीं की जा सकेगी. एग्रीगेटर कंपनियों को लाइसेंस जारी करने के लिए पांच लाख रुपये का शुल्क देना होगा. हालांकि यह नियम तिपहिया ऑटो और टू-व्हीलर वाहनों पर लागू नहीं होगा.

स्टाम्प और पंजीयन विभाग में भी अहम फैसला

इसके अलावा स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग से जुड़े फैसले के तहत अब प्रॉपर्टी बेचने वाले व्यक्ति की पहचान खतौनी के आधार पर देखी जाएगी. स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग अब संपत्ति की मालिकाना हक की जांच भी करेगा और बिना मालिकियत की पुष्टि किए किसी भी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा.

सर्किल रेट के आधार पर ही स्टाम्प शुल्क लगाया जाएगा, जबकि नगर निगम सीमा के भीतर आने वाली संपत्तियों पर दो प्रतिशत विकास शुल्क अलग से लिया जाएगा.

प्रधानमंत्री आवास योजना पर जरूरी प्रस्ताव पास

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 6.50 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दिया गया है. वहीं कांशीराम योजना के तहत बने आवासों से अनधिकृत कब्जेदारों को हटाकर उनकी रंगाई-पुताई कराई जाएगी और इसके बाद उन आवासों को अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवारों को आवंटित किया जाएगा.

इसके अलावा कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि कर्मचारी और सरकारी कर्मी अपनी चल और अचल संपत्ति की घोषणा हर वर्ष करेंगे. यदि किसी कर्मचारी द्वारा 6 महीने के मूल वेतन से अधिक का निवेश या संपत्ति आहरण किया जाता है तो उसकी जांच की जाएगी और जांच में कोई दोष पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ के लिए बड़े ऐलान

कैबिनेट ने जनपद अयोध्या में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए सदर तहसील के वशिष्ठ कुंड स्थित नजूल भूमि को नगर निगम अयोध्या को निशुल्क हस्तांतरण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत नए शहरों के समग्र और समुचित विकास के लिए बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ के लिए धनराशि स्वीकृत करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है.

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