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‘कट्टर ईमानदार होने का दावा धीरे-धीरे बेनकाब’, शराब नीति को लेकर मंत्री आशीष सूद का AAP पर हमला

दिल्ली की राजनीति में आबकारी (शराब) नीति मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. सोमवार (09 मार्च) को दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत के एक आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी. इसके बाद दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री आशीष सूद (Ashish Sood) ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला और कई सवाल उठाए.

दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी का ‘कट्टर ईमानदार’ होने का दावा अब धीरे-धीरे बेनकाब हो रहा है. हाईकोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि आबकारी नीति मामले की जांच आगे बढ़ेगी और सच्चाई सामने आएगी.

HC ने आगे की सुनवाई जारी रखने का फैसला किया- सूद

मंत्री ने कहा, ”हाई कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगाई है जिसमें जांच से जुड़े CBI के एक अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी. अदालत ने फिलहाल उस आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की आगे की सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है.

शराब नीति से जुड़े सबूत मिटाने की कोशिश की गई- आशीष सूद

मंत्री आशीष सूद ने आगे आरोप लगाते हुए कहा, ”शराब नीति से जुड़े सबूत मिटाने की कोशिश की गई. जांच में सामने आया है कि करीब 170 मोबाइल फोन और 43 सिम कार्ड नष्ट किए गए.” उन्होंने सवाल उठाया कि अगर नीति पूरी तरह सही थी तो इतने मोबाइल और सिम कार्ड क्यों नष्ट किए गए?

CAG रिपोर्ट में 2202 करोड़ के नुकसान का जिक्र- सूद

उन्होंने यह भी कहा कि CAG की रिपोर्ट में इस नीति के कारण करीब 2202 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान का जिक्र किया गया है. मंत्री के अनुसार पुरानी शराब नीति में सरकार को एक बोतल पर करीब 329 रुपये का राजस्व मिलता था, जबकि नई नीति में यह घटकर करीब 8 रुपये रह गया. साथ ही खुदरा विक्रेताओं का मुनाफा काफी बढ़ा दिया गया था.

2021 में नई आबकारी नीति हुई थी लागू

दिल्ली सरकार ने साल 2021 में नई आबकारी नीति लागू की थी. उस समय सरकार का कहना था कि इससे शराब की बिक्री व्यवस्था पारदर्शी होगी और सरकारी राजस्व बढ़ेगा. लेकिन कुछ महीनों बाद इस नीति को लेकर विवाद शुरू हो गया. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि नीति से निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया. बाद में आरोप-प्रत्यारोप के बीच दिल्ली सरकार ने 2022 में इस नीति को वापस ले लिया और पुरानी व्यवस्था लागू कर दी.

कई नेताओं और कारोबारियों से हुई पूछताछ

इस मामले में कई नेताओं और कारोबारियों से पूछताछ हो चुकी है और जांच एजेंसियां अब भी जांच कर रही हैं. शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब आम आदमी पार्टी को दिल्ली की जनता को बताना होगा कि नीति क्यों वापस ली गई और राजस्व में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई.

उन्होंने कहा कि अदालत की कार्यवाही के बाद अब सच्चाई सामने आएगी और कानून अपना काम करेगा. मंत्री आशीष सूद ने कहा, ”दिल्ली की जनता को इस पूरे मामले की सच्चाई जानने का हक है और जल्द ही शराब घोटाले का सच दिल्ली की जानता के सामने आयेगा.”

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