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CBSE ने गल्फ देशों में स्थगित की बोर्ड परीक्षा, जानें अब आगे क्या होगा?

गल्फ देशों में बने तनावपूर्ण हालात को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं की कुछ बोर्ड परीक्षाओं को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है. बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों और छात्रों पर पड़ रहे मानसिक दबाव को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. इस फैसले से उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी जो इन देशों में स्थित सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं.

12 से 16 मार्च के बीच होने वाली परीक्षाएं स्थगित


सीबीएसई के अनुसार 12 मार्च  से 16 मार्च  के बीच आयोजित होने वाली कक्षा 12वीं की परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. यह निर्णय बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित CBSE स्कूलों पर लागू होगा. बोर्ड का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षाओं का आयोजन निर्धारित समय पर कराना संभव नहीं था.

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14 मार्च को होगी स्थिति की समीक्षा

बोर्ड ने बताया है कि 14 मार्च 2026 को क्षेत्र की स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी. इसके बाद 16 मार्च के बाद होने वाली बाकी परीक्षाओं के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा. यदि हालात सामान्य पाए जाते हैं तो परीक्षाओं की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी.सीबीएसई ने सभी छात्रों से कहा है कि वे किसी भी नई जानकारी के लिए अपने स्कूलों के संपर्क में बने रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी हर अपडेट स्कूल प्रशासन और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से साझा की जाएगी.

कक्षा 10 की कुछ परीक्षाएं पहले ही रद्द

इससे पहले भी बोर्ड ने गल्फ देशों के कुछ क्षेत्रों में कक्षा 10 की शेष परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. बोर्ड का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है, इसलिए परिस्थितियों को देखते हुए समय-समय पर आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं.

गल्फ देशों में बड़ी संख्या में भारतीय परिवार रहते हैं और उनके बच्चे सीबीएसई पाठ्यक्रम से पढ़ाई करते हैं. इन देशों में कई स्कूल सीबीएसई से संबद्ध हैं और हर साल हजारों छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होते हैं. ऐसे में क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता या तनाव का असर छात्रों की पढ़ाई और परीक्षाओं पर भी पड़ता है. यही कारण है कि सीबीएसई समय-समय पर परिस्थितियों का आकलन कर आवश्यक निर्णय लेता है.

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