आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज की पोक्सो कोर्ट प्रयागराज में अर्जी दाखिल कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को विदेश जाने से रोकने और उनकी गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. इस मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.
इस अर्जी में आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उनके ऊपर हाल ही में हुए जानलेवा हमले की जानकारी भी अदालत को दी गई है. उनका कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गौ प्रेरणा धर्मयुद्ध यात्रा के बहाने लखनऊ से विदेश भाग सकते हैं, इसलिए कोर्ट को उनके पासपोर्ट और वीजा जब्त कर विदेश यात्रा पर रोक लगाने का आदेश देना चाहिए. आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी कहा कि यह यात्रा नाबालिग पीड़ित बटुकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है. उनका आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद यात्रा के बहाने अपने स्थान को छोड़ चुके हैं और न्यायालय के आदेशों की अवमानना कर रहे हैं.
यूपी में पहले से ही गौ हत्या पर है प्रतिबंध- आशुतोष ब्रह्मचारी
अर्जी में यह भी कहा गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जिस गौ हत्या बंद कराने की बात कहकर यात्रा निकाल रहे हैं, वह तर्कसंगत नहीं है क्योंकि उत्तर प्रदेश में पहले से ही गौ हत्या प्रतिबंधित है. ब्रह्मचारी का कहना है कि यदि उन्हें ऐसी यात्रा करनी है तो उन्हें केरल या उन राज्यों में जाना चाहिए जहां अभी भी गौ हत्या की घटनाएं होती हैं. आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पुलिस प्रोटेक्शन में चलाई जा रही है, जबकि इसके लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं ली गई है. उनका कहना है कि यह यात्रा सरकार और पुलिस पर दबाव बनाने के लिए निकाली जा रही है, ताकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस कराए जा सकें.
उन्होंने दावा किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर वे कानून से बच नहीं पाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में वह जल्द ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी अपना जवाब दाखिल करेंगे और पूरे प्रकरण की जानकारी अदालत को देंगे.
CDR से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी-आशुतोष ब्रह्मचारी
ट्रेन में हुए जानलेवा हमले के मामले पर बोलते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि स्वाति अघोरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुद हमले की जिम्मेदारी ली है. उनका आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्वाति अघोरी को पहचानने से इनकार कर रहे हैं, जबकि उसका सीधा संबंध उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी से है. ब्रह्मचारी का कहना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी.