नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड पब्लिक इश्यू सोमवार (9 मार्च) को इतिहास रचने जा रहा है. इस बॉन्ड की ऑफिशियल लिस्टिंग सोमवार को मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया में हुई. इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस इवेंट में चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद रहे. नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का यह कदम पर्यावरण फ्रेंडली डेवलपमेंट के लिए फंड जुटाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है. सीएम की मौजूदगी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ है. सीएम ने इस ग्रीन बॉन्ड को जारी किया है.
ग्रीन म्युनिसिपल पब्लिक बॉन्ड क्या है?
म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन या लोकल गवर्नमेंट लोगों और इन्वेस्टर्स से फंड जुटाने के लिए जो बॉन्ड जारी करती है, उसे म्युनिसिपल बॉन्ड कहते हैं. अगर इस फंड का इस्तेमाल खास तौर पर पर्यावरण प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाता है, तो इसे ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड कहा जाता है.
इंटरेस्ट के साथ इन्वेस्टर्स को मिलता है पैसा वापस
जो इन्वेस्टर्स इस बॉन्ड में इन्वेस्ट करते हैं, उन्हें एक तय समय के बाद इंटरेस्ट के साथ उनका पैसा वापस मिल जाता है. इस फंड का इस्तेमाल सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स, सोलर एनर्जी, ग्रीन ट्रांसपोर्ट, रिवर सैनिटेशन जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाता है.
बॉन्ड जारी होना एक जरूरी पहल
ऐसे बॉन्ड स्टॉक मार्केट में लिस्टेड होते हैं, जैसे कि मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया. महाराष्ट्र में नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा जारी ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड को एक जरूरी पहल माना जाता है. ऐसा पहली बार हो रहा है इसलिए नाशिक की महानगरपालिका पहली बार ऐसा कर इतिहास रच रही है.
निगम द्वारा जारी किए गए इस बॉन्ड में रेटेड, लिस्टेड बॉन्ड शामिल हैं. इस बॉन्ड पर हर साल 8.5 प्रतिशत की कूपन दर दी जाएगी. वहीं इस पर बने ब्याज का पैसा छमाही के आधार पर बांटा जाएगा. इसको तीन श्रेणी के निवेशकों के लिए जारी किया गया है. जिसमें संस्थागत, गैर-संस्थागत और खुदरा व्यक्तिगत निवेशक आते हैं.
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