बिहार में मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की मां पर की गयी आपत्तिजनक टिपण्णी का मामला तूल पकड़ता जा रहा रहा है. जिसको लेकर आज शनिवार को राजधानी लखनऊ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन करते हुए मौलाना का पुतला फूंका. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मौलाना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
प्रदर्शन करने आए कार्यकर्ताओं ने इस मामले में चार दिन के अंदर कार्रवाई की मांग की है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो आगे तीव्र आंदोलन होगा. इसके अलावा अयोध्या में महंत राजूदास और गौसेवा संगठन के अध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी द्वारा भी कार्रवाई की मांग की गयी है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल बिहार में रमजान के दौरान एक मजहबी तकरीर में मौलाना आब्दुला सलीम ने यूपी में गौकशी कानून की आलोचना की. इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां का जिक्र किया. जो बेहद आपत्तिजनक था, ये बयान तेजी से बिहार से लेकर यूपी में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ साधू संतों ने भी इस तरह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है.
महंत राजू दास की चेतावनी
इस मामले में अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने भी मौलाना के बयान की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा, “बिहार सरकार या तो मौलाना को जेल भेजे या ईश्वर के पास मेल करें.” महंत राजू दास ने इसे मां भारती और गौमाता के अपमान से जोड़ा और सख्त कार्रवाई की मांग की. इसके साथ ही कई और संगठनों ने भी शिकायत की है. लखनऊ के आलमबाग थाने में गौसेवा संगठन अध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने भी मौलाना के खिलाफ तहरीर दी है. इसे भड़काऊ और समाज में वैमनस्य बढ़ाने वाला बयान बताया.
बहरहाल पुलिस या प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग मौलाना को खूब खरी-खोटी सुना रहे हैं.