राजस्थान के टोंक शहर में 6 मार्च की देर रात दो समुदाय के लोगों में हुई जबरदस्त झड़प और पत्थरबाजी की घटना के बाद अब पूरी तरह शांति है. हालात पूरी तरह काबू में हैं. पुलिस ने पथराव करने के आरोपी तकरीबन दर्जन भर संदिग्धों को हिरासत में लिया है. पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही है.
गौरतलब है कि टोंक शहर के देशवाली मोहल्ले में रात को तरावीह की नमाज के बाद लौट रहे लोगों ने अचानक वाल्मीकि बस्ती पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. नमाज से लौट रहे लोगों की वाल्मीकि बस्ती के कुछ लोगों से कहा-सुनी हुई थी और उसके बाद विवाद बढ़ गया था. पथराव में कई लोगों को चोटें आई थीं. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया. रात भर तलाशी अभियान चलाकर कई संदिग्धों को भी पकड़ा गया.
आरोपियों के मोहल्ले में सफाई न करने का किया फैसला
इस बीच वाल्मीकि समाज के लोगों ने पत्थरबाजी करने के आरोपियों के मोहल्ले में अब सफाई नहीं करने का फैसला किया है. सरकारी और गैर-सरकारी दोनों ही तरीकों से आरोपियों के इलाके में सफाई नहीं की जाएगी. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. इस मामले में अब सियासत भी शुरू हो गई है. बीजेपी के नेताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है.
Tonk, Rajasthan: ASP Ratan Lal Bhargava says, “We were continuously patrolling in the area. While on patrol, we had just left Yaraj Chowk when we received information that stone pelting had taken place between members of the Valmiki community and some local residents…”
(Date:… pic.twitter.com/TiBXKqcklV
— IANS (@ians_india) March 7, 2026
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं
टोंक शहर में हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान भी खड़े किए हैं. यहां अक्सर ही सांप्रदायिक घटनाएं हो रही हैं. हफ्ते भर में पत्थरबाजी की दूसरी घटना हुई है, लेकिन इंटेलिजेंस एजेंसी पूरी तरह फेल साबित हुई है. राहत की बात सिर्फ इतनी है कि आपसी समझदारी से कोई भी विवाद बड़ा रूप नहीं ले सका है. वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रात की घटना को लेकर प्रशासन पर भी भेदभाव करते हुए एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया है.