महोबा जिला अस्पताल परिसर एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां बाइक चोरी की कोशिश करते एक युवक को तीमारदारों ने रंगे हाथों दबोच लिया. अस्पताल में अपने भाई का इलाज कराने आए सुरेंद्र और उनके पिता की सतर्कता से चोर के मंसूबे नाकाम रहे. पकड़े गए आरोपी को भीड़ ने पुलिस के हवाले कर दिया है. हालांकि, आरोपी खुद को निर्दोष बता रहा है, लेकिन पुलिस अब मामले की सघन जांच और पूछताछ में जुटी है.
दरअसल, महोबा जिला अस्पताल में आए दिन होने वाली चोरी की वारदातों के बीच आज एक कथित चोर की शामत आ गई. अस्पताल परिसर, जो मरीजों के इलाज के लिए जाना जाता है, वहां चोरों की नजर तीमारदारों की गाड़ियों पर टिकी रहती है. ताजा मामला सौजना निवासी सुरेंद्र के साथ घटा, जो अपने बीमार भाई को इमरजेंसी वार्ड में दिखाने आए थे.
लोगों ने चोर को रंगे हाथों पकड़ा
सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपनी बाइक अस्पताल परिसर में खड़ी की थी और जल्दबाजी में भाई को लेकर वार्ड के अंदर चले गए. बाइक का लॉक खुला रह गया था, जिसका फायदा उठाकर एक युवक ने उसे पार करने की कोशिश शुरू कर दी. इसी दौरान सुरेंद्र के पिता की नजर चोर पर पड़ गई. सुरेंद्र के पिता के शोर मचाने पर अन्य तीमारदार दौड़ पड़े और आरोपी को पकड़ लिया. आरोपी की पहचान कहरा गांव निवासी गोपाल उर्फ बउआ के रूप में हुई है.
आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
हालांकि, पकड़े जाने के बाद आरोपी ने जो सफाई दी, उसने सबको हैरान कर दिया. गोपाल का दावा है कि वह चोर नहीं है, बल्कि वह महज दो मिनट के लिए बाइक पर बैठ गया था और लोगों ने उसे गलतफहमी में चोर समझ लिया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया. तीमारदारों का आरोप है कि यहां आए दिन गाड़ियां चोरी होती हैं, जिससे लोग डरे हुए हैं.
आरोपी युवक से पूछताछ कर रही पुलिस
फिलहाल, पुलिस आरोपी गोपाल उर्फ बउआ को कोतवाली ले गई है, जहां उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि क्षेत्र में सक्रिय बाइक चोर गिरोह का सुराग लग सके. पुलिस का कहना है कि मामले की तह तक जाकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.