उत्तराखंड के चमोली जिले में भारत-चीन सीमा से लगे सीमावर्ती गांव मलारी के ऊपरी हिस्से में स्थित जंगलों में आग लगने की घटना सामने आई है. आग भुजगढ़ नाले के ऊपर सिविल क्षेत्र में लगी है. राहत की बात यह है कि अब तक सेना शिविर पूरी तरह सुरक्षित है और हालात नियंत्रण में हैं.
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के रेंजर ने की पुष्टि
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के रेंजर गौरव नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आग मलारी गांव के ऊपर स्थित जंगलों में लगी है जो भुजगढ़ नाले के पास सिविल क्षेत्र में है. आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. सुराईथोटा टीम के पांच सदस्य मौके पर तैनात हैं और वन दरोगा कुलदीप नेगी के नेतृत्व में आग बुझाने का काम जारी है.
एक छोर से बुझाने में मिली सफलता, दूसरी तरफ प्रयास जारी
अधिकारियों के अनुसार आग मलारी की गौचरण भूमि वाले क्षेत्र में फैली हुई थी. टीम ने तेज कार्रवाई करते हुए एक छोर से आग बुझाने में सफलता हासिल कर ली है जिससे स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आ गई है. हालांकि दूसरे हिस्से में लगी आग को पूरी तरह बुझाने के प्रयास जारी हैं. वन विभाग की टीम झाड़ियों और सूखी घास में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए लगातार फायर लाइन बना रही है.
सेना शिविर की दिशा में न फैले आग – विशेष सतर्कता
वन विभाग की टीम विशेष रूप से इस बात का ध्यान रख रही है कि आग सेना शिविर की दिशा में न बढ़े. सेना शिविर के आसपास के क्षेत्र में भी लगातार निगरानी की जा रही है. पहाड़ी इलाका होने के कारण आग बुझाने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है लेकिन टीम लगातार काम में जुटी हुई है. प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही शेष आग पर भी पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा. फिलहाल सेना शिविर को कोई खतरा नहीं है.