रंगों के त्योहार होली के दौरान राजधानी में ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेना कई लोगों को महंगा पड़ गया. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस बार त्योहार के दिन सड़कों पर सख्त निगरानी रखते हुए नियम तोड़ने वालों पर व्यापक कार्रवाई की. विशेष अभियान के तहत पूरी दिल्ली में कुल 4,929 चालान काटे गए, जिनमें बड़ी संख्या उन चालकों की रही जो शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए.
होली के दिन पुलिस की कार्रवाई का सबसे बड़ा निशाना शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालक बने. ट्रैफिक पुलिस ने अभियान के दौरान 1204 लोगों को नशे में ड्राइविंग करते हुए पकड़ा. इन चालकों के खिलाफ मौके पर ही भारी जुर्माना लगाया गया और कई मामलों में वाहनों को जब्त भी किया गया. पुलिस का कहना है कि नशे में ड्राइविंग से सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए इस पर सख्ती जरूरी थी.
ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट और खतरनाक ड्राइविंग पर भी कार्रवाई
होली के दिन केवल नशे में वाहन चलाने वालों पर ही नहीं बल्कि अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी शिकंजा कसा गया. पुलिस ने ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट बाइक चलाने और लापरवाही से वाहन चलाने जैसे मामलों में कुल 3,725 चालान जारी किए. अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान कई लोग लापरवाही बरतते हैं, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है.
पूरी दिल्ली को पांच रेंज में बांटकर चलाया गया अभियान
ट्रैफिक पुलिस ने इस बार पूरे शहर में व्यापक निगरानी के लिए दिल्ली को पांच अलग-अलग रेंज में विभाजित किया था. हर क्षेत्र में चेकिंग टीमें सक्रिय रहीं और प्रमुख सड़कों पर लगातार वाहन जांच की गई. आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के लगभग हर हिस्से में पुलिस ने समान स्तर पर सख्ती दिखाई.
79 संयुक्त पिकेट्स पर पुलिस और जिला बल की तैनाती
ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार चेकिंग अभियान को प्रभावी बनाने के लिए शहर में 79 से अधिक संयुक्त पिकेट्स लगाए गए थे. इन पिकेट्स पर ट्रैफिक पुलिस के साथ जिला पुलिस के जवान भी तैनात रहे. कई मामलों में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई. इसके अलावा स्टंट या खतरनाक तरीके से बाइक चलाने वाले युवकों के वाहन भी मौके पर जब्त किए गए.
ऑपरेशन आघात और 15 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
होली से पहले ही पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऑपरेशन आघात 4.0 के तहत कई संदिग्ध तत्वों पर कार्रवाई की थी. त्योहार के दिन करीब 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी राजधानी की सड़कों पर तैनात रहे. पार्कों और होलिका दहन स्थलों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई, ताकि जबरन रंग लगाने या छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोका जा सके.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों के उत्सव में बाधा डालना नहीं था, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना था. सख्त निगरानी और कार्रवाई के कारण इस बार होली के दिन सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई. पुलिस का मानना है कि इस तरह की सतर्कता से राजधानी में कानून व्यवस्था और सुरक्षा दोनों को मजबूत किया जा सकता है.