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मिसाइलों की गूंज के बीच अबू धाबी में फंसे थे स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य, सुरक्षित लौटे अयोध्या

मध्य पूर्व में युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रभावित होने से अबू धाबी में फंसे अयोध्या के चक्रवर्ती राजा दशरथ के राजमहल के पीठाधीश्वर बिन्दु गद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य आखिरकार अयोध्या लौट आए हैं. गुरुवार सुबह करीब 9 बजे वे अयोध्या पहुंचे, जहां उनका स्वागत कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने किया.

बिन्दु गद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य 27 फरवरी को धार्मिक यात्रा पर अयोध्या से अबू धाबी गए थे. वहां वे स्वामीनारायण मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे थे, जिसका उद्घाटन हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था. इसी दौरान 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बनने से मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गईं.

महज 5km दूर हो रहे थे हमले

फ्लाइट रद्द होने के कारण वे अबू धाबी में ही फंस गए थे. स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य ने बताया कि जिस स्थान पर वे ठहरे थे, वहां से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर अमेरिका का एयरबेस स्थित है. उस क्षेत्र में ईरान की ओर से हमले किए जा रहे थे, जिनकी आवाजें दूर तक सुनाई देती थीं.

उन्होंने बताया कि मिसाइल और हमलों की आवाजें दिवाली के पटाखों जैसी सुनाई देती थीं, जिससे वहां मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया था. हालांकि एक बार हमले के बाद कुछ घंटों में स्थिति सामान्य भी हो जाती थी.

गृह मंत्रालय ने की अबू धाबी में फंसे लोगों की मदद

स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य ने बताया कि गृह मंत्रालय से उनकी बातचीत हुई थी और मंत्रालय की ओर से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित भारत लाने का आश्वासन दिया गया था. उन्होंने कहा कि अभी भी अबू धाबी में कई लोग फंसे हुए हैं, जिन्हें भारत लाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.

उन्होंने बताया कि उनकी अयोध्या वापसी 4 मार्च को तय थी, लेकिन उड़ानों के बाधित होने के कारण वे एक दिन की देरी से भारत लौट पाए. गुरुवार सुबह 6:35 बजे वे दुबई से दिल्ली के लिए रवाना हुए और वहां से अयोध्या पहुंचे.

गौरतलब है कि बिन्दु गद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य चक्रवर्ती राजा दशरथ के राजमहल के पीठाधीश्वर हैं और देशभर में मां जानकी के सबसे बड़े पीठ के प्रमुख के रूप में भी जाने जाते हैं.

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