Skip to content

दिल्ली विधानसभा में ‘फांसी घर’ बना विवाद, स्पीकर ने आतिशी को भेजा पत्र

दिल्ली विधानसभा में चल रहे ‘फांसी घर’ विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है. दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी को एक आधिकारिक पत्र जारी कर कड़ी आपत्ति जताई है. यह पत्र विशेषाधिकार समिति पर की गई सार्वजनिक टिप्पणियों को लेकर लिखा गया है.

अध्यक्ष ने साफ कहा है कि अगर विधानसभा परिसर में ‘फांसी घर’ होने का कोई सबूत है, तो उसे मीडिया में बोलने के बजाय विशेषाधिकार समिति के सामने रखा जाए. उन्होंने कहा कि इस तरह के गंभीर आरोपों पर बयान देने से पहले प्रमाण देना जरूरी है. बिना सबूत के आरोप लगाने से सदन की गरिमा को ठेस पहुंचती है.

विधानसभा में ‘फांसी घर’ को लेकर गरमाया मामला

जानकारी के अनुसार, यह मामला तब गरमाया जब आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि विधानसभा परिसर के अंदर ‘फांसी घर’ मौजूद था. हालांकि इससे पहले विशेषाधिकार समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कुछ नेताओं को समन भेजा. इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और पूर्व मंत्री राखी बिड़ला का नाम शामिल है. इन सभी को 6 मार्च 2026 को समिति के सामने पेश होने के लिए कहा गया है.

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने पत्र में कहा कि विधानसभा और उसकी समितियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं. किसी भी जांच को प्रभावित करने वाले बयान देना ठीक नहीं है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को आगाह किया कि राजनीतिक बयानबाजी और संसदीय प्रक्रिया अलग-अलग चीजें हैं. दोनों को मिलाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है.

समिति का काम सदन की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करना है- अध्यक्ष

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता कहा कि पृष्ठभूमि की बात करें तो दिल्ली विधानसभा में पहले भी विशेषाधिकार समिति की जांच को लेकर विवाद होते रहे हैं. विशेषाधिकार समिति का काम सदन की गरिमा और अधिकारों की रक्षा करना होता है. अगर किसी सदस्य या बाहरी व्यक्ति द्वारा सदन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आता है, तो समिति जांच करती है.

इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है. एक तरफ अध्यक्ष ने सदन की गरिमा को सर्वोपरि बताया है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बता रहा है. अब सबकी नजर 6 मार्च को होने वाली समिति की बैठक पर है, जहां इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी.

ये भी पढ़िए- Delhi News: दिल्ली में DDA का बड़ा कदम, सफदरजंग और ओल्ड राजेंद्र नगर में 775 करोड़ का रीडिवेलपमेंट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *