गाजीपुर के रामपुर माझा थाना इलाके के तराव गांव में बीती रात दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने इस मामले में महिला-पुरुष सहित 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 7 लोगों को गिरफ्तार भी किया है. पुलिस इस मामले में पुलिस पर भी पीड़ितों की तरफ से गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
बताया गया कि गाजीपुर के रामपुर माझा थाना के तराव गांव के रहने वाले प्रदीप बिंद जो बेंगलुरु में काम करते थे. इन्होंने कुछ महीने पहले पड़ोस के ही रहने वाले नजीर अली को काम के लिए बेंगलुरु बुलाया और उसे किसी कंपनी में काम पर भी लगा दिया. कंपनी के लोगों ने जब जांच किया तो पता चला कि वह नाबालिग है, जिसके कारण करीब 5 से 7 दिन के बाद उसे कंपनी से निकाल दिया गया. इसके बाद फिर नाजीर अली अपने घर आ गया.
वेतन को लेकर हुए विवाद में मारपीट
बताया गया कि प्रदीप बिन्द भी होली की छुट्टियों में अपने घर आया हुआ था, जब इस बात की जानकारी नाजीर के परिजनों को हुई तो वह नाजीर के वेतन को लेकर विवाद करने लगे. दोनों पक्षों मामूली बहस पर शुरू हुआ हिंसक हो गया और मारपीट शुरू हो गई. नाजीर के परिजनो ने प्रदीप बिंद को मारपीट कर घायल कर दिया. इस मारपीट की घटना में कई लोग घायल हो गए
गोरखपुर पुलिस के सिपाही पर उकसाने का आरोप
बताया यह भी गया कि मारपीट के दौरान ही उन्ही लोगों के परिवार का एक व्यक्ति हमीद जो गोरखपुर पुलिस में है, वह अभी फोन पर बार-बार इन लोगों को मारने के लिए उकसा रहा था. इसके बाद पीड़ित परिवार की तरफ से 112 को फोन कर इसकी जानकारी दी गई,
मामले पुलिस अधिकारी ने क्या कहा?
क्षेत्राधिकारी सदर शेखर सेंगर ने बताया कि दो पक्षों के विवाद में एक पक्ष के द्वारा दूसरे पक्ष पर मारपीट किया गया है. यह मामला बेंगलुरु में नौकरी दिलाने और उसके वेतन को लेकर विवाद था. इसी मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जब कार्रवाई करने के लिए आरोपी पक्ष की तरफ गई, तब वहां की महिलाओं और अन्य ने पुलिस के साथ भी मारपीट और दुर्व्यवहार किया. वहीं दूसरे पक्ष की तरफ से पुलिस पर महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगाया गया है.