मथुरा जिले के थाना वृंदावन में मंगलवार को सुनरख रोड स्थित हरे कृष्णा आर्किड कॉलोनी के बी-812 फ्लैट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पंजाब पुलिस ने अचानक छापा मार कार्रवाई की. पुलिस ने यहां किराये पर रह रहे सौरभ गुप्ता और उसकी पत्नी प्रगति गुप्ता को गिरफ्तार कर पंजाब ले गई.
सूत्रों के अनुसार, सौरभ गुप्ता और उसकी पत्नी पर पंजाब के कई शहरों में लोगों को विदेश भेजने, वीजा लगवाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है. इसी मामले में दोनों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा गया कि यह दंपती लंबे समय से कबूतरबाजी के गोरखधंधे में लिप्त था और पुलिस की नजर से बचने के लिए वृंदावन में आकर छिपकर रह रहा था, केवल कनाडा ही नहीं अपितु दुबई, UAE, मलेशिया सिंगापुर आदि जगह का भी वर्क वीजा लगाना भेजना शामिल है.
बिना लाइसेंस चलाते थे होटल
विश्वस्त सूत्र से ज्ञात हुआ कि साथ ही यह बिना वैध लाइसेंस के हरे कृष्ण आर्किड मैं फ्लैट किराए पर लेकर होटल के रूप मैं चला रहा था , बारह कमरों की चाबी आज इससे पुलिस ने जब्त की है , ग्राहकों को आईडी बिना ठहराया जाता था.
अपराधियों ने बना रखा है वृंदावन को ठिकाना- स्थानीय
स्थानीय लोगों का कहना है कि वृंदावन में बड़ी संख्या में ऐसे लोग आकर रह जाते हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों में ठगी और अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं. पुलिस कार्रवाई से यह बात फिर उजागर हो गई कि धार्मिक नगरी को अपराधियों ने छिपने का ठिकाना बना रखा है.
सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया उठे सवाल
चर्चा है कि यह कोई पहला मामला नहीं है. लगभग रोज किसी न किसी राज्य की पुलिस वृंदावन पहुंचकर आश्रम, होटल या कॉलोनियों में दबिश देती नजर आती है. मंगलवार की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि किरायेदारों का सख्त सत्यापन कराया जाए, ताकि अपराधियों की शरणस्थली बनने से वृंदावन को बचाया जा सके.
फर्जी वीजा तैयार करने के आरोप में गिरफ्तार- सूत्र
सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस ने फर्जी वीजा तैयार कर कनाडा भेजने के आरोपित इस दंपती को गिरफ्तार किया है. बताया जाता है कि कनाडा भेजने के नाम पर फर्जी वीजा तैयार कर अवैध इमीग्रेशन नेटवर्क चलाने के आरोप में पटियाला निवासी सौरभ गुप्ता और उसकी पत्नी प्रगति गुप्ता को मंगलवार सुबह वृंदावन से गिरफ्तार किया गया , दोनों हरे कृष्णा आर्किड के बी-ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर 812 में पिछले ढाई साल से रह रहे थे. जनवरी माह में ही पंजाब के मलेरकोटला थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था.
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपित वृंदावन स्थित अपने फ्लैट से कनाडा भेजने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मोटी रकम वसूल रहे थे. कार्रवाई के लिए पहुंची पंजाब पुलिस की टीम ने दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया. विधिक प्रक्रिया के तहत मथुरा में मेडिकल परीक्षण कराया गया है. इसके बाद आरोपितों को न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की तैयारी है. पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है.