पीपल्स कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट और हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद लोन ने मंगलवार (3 मार्च) को प्रशासन से मांग की है. उन्होंने कहा कि कश्मीर के प्रमुख मीडिया संस्थानों ग्रेटर कश्मीर, कश्मीर लाइफ और राइजिंग कश्मीर समेत कश्मीर के कई जाने-माने मीडिया आउटलेट्स के फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल तुरंत अनब्लॉक किए जाएं. उन्होंने कहा कि मीडिया की आवाज को रोकना लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं है और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है.
एक बयान में सज्जाद लोन ने इन संस्थानों को ‘जिम्मेदार’ और ‘मैच्योर’ बताते हुए उनकी लंबे समय से चली आ रही क्रेडिबिलिटी और जानकारी वाली पब्लिक बातचीत में उनके योगदान पर जोर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि खास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उनके अचानक गायब होने से डिजिटल इन्फॉर्मेशन स्पेस में एक वैक्यूम बनने का खतरा है.
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‘गैरमौजूदगी और ज्यादा नुकसान करेगी’
सज्जाद लोन ने जोर देकर कहा कि उनकी गैरमौजूदगी और ज्यादा नुकसान करेगी. उन्होंने कहा कि जब भरोसेमंद और जवाबदेह प्लेटफॉर्म को साइडलाइन कर दिया जाता है, तो उनके द्वारा छोड़ी गई जगह पर अक्सर अनजान और अनवेरिफाइड एंटिटीज कब्जा कर लेती हैं. जिससे शायद एक आजाद और जिम्मेदार मीडिया का मकसद कमजोर हो जाता है.
इस कदम को उल्टा असर डालने वाला बताते हुए लोन ने एडमिनिस्ट्रेशन से बिना देर किए फैसले का रिव्यू करने और ब्लॉक किए गए हैंडल को फिर से चालू करने की अपील की. साथ ही इस बात पर जोर दिया कि एक मजबूत डेमोक्रेसी भरोसेमंद, बैलेंस्ड और आसानी से मिलने वाले मीडिया संस्थानों की मौजूदगी पर निर्भर करती है.
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फेक न्यूज फैलाने को लेकर कई लोगों पर FIR
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ईरान में यूएस बमबारी में अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बारे में ‘फेक न्यूज’ फैलाने के आरोप में कई न्यूज आउटलेट्स, पोर्टल्स और लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. कई लोगों को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साइबर सेल में पूछताछ के लिए बुलाया गया है, वहीं बड़े न्यूज पेपर्स और दूसरे न्यूज पोर्टल्स के सोशल मीडिया पेज ब्लॉक कर दिए गए हैं.