Haryana Budget 2026-27: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने बजट को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज हरियाणा की मेहनतकश जनता एक बार फिर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है. मुख्यमंत्री नायब सिंह द्वारा पेश किया गया बजट 2026-27 असल में विकास का नहीं, बल्कि कर्ज और झूठे वादों का दस्तावेज है.
सरकार दावा कुछ और करती है, जबकि हकीकत कुछ और बयां कर रही है. राज्य पर ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक बोझ करीब ₹5 लाख करोड़ के आसपास है. इससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि सरकार की लगभग 34 प्रतिशत आमदनी उधार से आएगी और बजट का करीब 30 प्रतिशत, यानी लगभग ₹67,000 करोड़ केवल पुराने कर्ज की किस्तें चुकाने में उड़ जाएगा. यह विकास नहीं, कर्ज का मेला है.
महिलाओं के लिए न नीयत है और न निधि- अनुराग
उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने हरियाणा की हर महिला को बिना किसी शर्त ₹2100 मासिक देने का वादा किया था. आज वही सरकार बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए केवल ₹6,500 करोड़ रखकर अपने वादे से साफ पलट गई है. यदि करीब 1 करोड़ महिलाओं को ₹2100 प्रति माह देना हो तो सालाना लगभग ₹22,000 करोड़ की आवश्यकता होगी. लेकिन बजट के आंकड़े खुद बता रहे हैं कि सरकार के पास महिलाओं के लिए न नीयत है और न ही पर्याप्त निधि. अभी तक केवल लगभग 9 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है. यह महिलाओं के सम्मान का नहीं, उनके भरोसे के साथ खिलवाड़ का बजट है.
नायब सिंह सरकार का बजट हरियाणा के लोगों के सपनों को तोड़ने वाला बजट है।
केंद्र सरकार की शिक्षा नीति कम से कम 6 प्रतिशत शिक्षा बजट की वकालत करती है और हरियाणा की बीजेपी सरकार सिर्फ़ 1.9 प्रतिशत शिक्षा बजट दे रही है।
हरियाणा का सेहत बजट राष्ट्रीय औसत से भी कम महज़ 6 प्रतिशत है।…
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) March 2, 2026
शिक्षा और स्वास्थ्य में भारी चूक
अनुराग ढांडा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी बीजेपी सरकार की प्राथमिकताएं उजागर हो गई हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक शिक्षा पर कम से कम 6 प्रतिशत खर्च होना चाहिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने केवल 1.9 प्रतिशत बजट शिक्षा के नाम पर रखा है. सरकारी स्कूलों में 15,451 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और कॉलेजों में 2,400 से अधिक टीचिंग और नॉन-टीचिंग पद रिक्त हैं. जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो युवाओं का भविष्य कैसे बनेगा? यह सरकार युवाओं के सपनों को कमजोर कर रही है.
अनुराग ढांडा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति भी चिंताजनक है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार राज्यों को कम से कम 8 प्रतिशत बजट स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने केवल 6.02 प्रतिशत ही प्रावधान किया है. अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, दवाइयों की कमी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल हालत के बावजूद सरकार संवेदनहीन बनी हुई है. आज भी इतने सालों बाद रेवाड़ी एम्स अधूरा पड़ा है. गुरुग्राम का सिविल अस्पताल भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. रोहतक पीजीआई, खानुपर और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की हालत खराब हो चली है.
जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह बजट साफ दिखाता है कि बीजेपी सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि झूठे आंकड़ों का खेल है. कर्ज लेकर ताली बजवाना और अधूरे वादों को उपलब्धि बताना अब नहीं चलेगा. हरियाणा की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि यह बजट उनके सपनों को पूरा करने का नहीं, बल्कि उन्हें भ्रम में रखने का प्रयास है. आम आदमी पार्टी जनता के साथ खड़ी है और हरियाणा के लोगों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी.