ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद कश्मीर में तनाव पैदा हो गया. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की रविवार (1 मार्च) को हुई मौत के बाद भारत के कई राज्यों में अमेरिका-इजराइल का विरोध किया जा रहा है. महबूबा ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गई महिलाओं को रिहा करने का पुलिस से आग्रह किया.
इस बीच जम्मू-कश्मीर में बवाल हो गया है. श्रीनगर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई है. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. इसमें महिलाएं भी शामिल हैं. पीडीपी चीफ महबूबा ने इस बीच डीजीपी से गुहार लगाई है.
महबूबा मुफ्ती ने पुलिस से किया आग्रह
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात से आग्रह किया कि वह अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में कश्मीर घाटी में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में ली गई महिलाओं को रिहा करने का आदेश दें.
उन्होंने पुलिस प्रमुख से कहा कि इस स्थिति को करुणा और संवेदनशीलता के साथ संभालना चाहिए क्योंकि यह हमारे लिए शोक का समय है. खामेनेई की मौत के बाद भड़के प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 14 लोग घायल हो गए, जिनमें छह सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पोस्ट में की मांग
महबूबा मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर एकजुटता व्यक्त करने के लिए कश्मीर भर में महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की चिंताजनक खबरों के मद्देनजर, मैं जम्मू कश्मीर के डीजीपी से उनकी तत्काल रिहाई के आदेश जारी करने का आग्रह करती हूं.’’
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के लोग रविवार की सुबह से ही श्रीनगर समेत अलग-अलग इलाकों में सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जता रहे हैं. विरोध के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए. पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए हैं.