उत्तर प्रदेश के कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए गंगा नदी पर चार लेन सेतु और पहुंच मार्ग के निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई है. यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2025–26 में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रस्तावित है.
प्रस्ताव के अनुसार गंगा नदी पर एक उच्च स्तरीय सेतु का निर्माण किया जाएगा, जिससे ट्रांसगंगा सिटी को सीधे कानपुर शहर से जोड़ा जा सकेगा. प्रस्तावित क्षेत्र में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा ट्रांसगंगा सिटी विकसित की जा रही है. इसका उद्देश्य कानपुर नगर और आसपास के क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों को स्थानांतरित कर एक सुव्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना है.
ट्रांसगंगा सिटी के विकसित होने के बाद गंगा नदी पार करने के लिए भारी और हल्के वाहनों का आवागमन काफी बढ़ने की संभावना है. ऐसी स्थिति में वर्तमान गंगा बैराज मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने और जाम की समस्या पैदा होने की आशंका जताई गई है. इसी को ध्यान में रखते हुए गंगा नदी पर नए सेतु के निर्माण की आवश्यकता बताई गई है.
46,000 लाख रुपये की धनराशि की मांग
योजना के तहत शुरुआत में चार लेन का एक सेतु प्रस्तावित था, लेकिन शहर में एक ही स्थान पर मर्जिंग प्वाइंट बनने से यातायात घनत्व बढ़ने और आवागमन प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए संशोधन किया गया है. अब चार लेन के एक सेतु के बजाय दो-दो लेन के दो अलग-अलग सेतुओं का निर्माण प्रस्तावित किया गया है, ताकि यातायात का दबाव अलग-अलग मार्गों पर वितरित किया जा सके.
परियोजना की कुल अनुमोदित लागत 75313.24 लाख रुपये है, जिसे व्यय वित्त समिति द्वारा स्वीकृत किया गया है. अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 46000 लाख रुपये की धनराशि की मांग की थी. शेष स्वीकृत धनराशि प्राधिकरण द्वारा अपने संसाधनों से वहन की जाएगी.
इस संबंध में 46000 लाख रुपये की धनराशि को अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी प्राप्त हो चुकी है.