हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (Jai Ram Thakur) ने अनुपूरक बजट (सप्लीमेंट्री बजट) को लेकर प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) सरकार पर जोरदार निशाना साधा है. जयराम ठाकुर ने कहा कि, सप्लीमेंट्री बजट ने सुक्खू सरकार के वित्तीय प्रबंधन, अनुशासन और दूरदर्शिता की धज्जियां उड़ाई है.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट ने मुख्यमंत्री के तीन प्रिय शब्दों ‘फिस्कल प्रुडेंस, फिस्कल मैनेजमेंट, फिस्कल डिस्पीलीन और व्यवस्था परिवर्तन की धज्जियाँ उड़ा दी हैं. जयराम ठाकुर के मुताबिक, सीएम सुक्खू ने गत वर्ष बजट पेश करने के पहले कहा था कि वह सबसे ज्यादा पढ़ने वाले वित्त मंत्री हैं.
बजट अनुमान पूरी तहर साबित हुए गलत
जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट अनुमान पूरी तरह से गलत साबित हुए, सब कुछ हवा हवाई है. बजट का मूल उद्देश्य ही यथार्थवादी अनुमान लगाना होता है. 70% अतिरिक्त खर्च बताता है कि सरकार को अपने ही आंकड़ों पर भरोसा नहीं था. यह साफ संकेत है कि सरकार अपनी ही वित्तीय योजना बनाने में विफल रही.
खर्च पर सरकार का नहीं है कोई नियंत्रण
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बजट में न फिस्कल मैनेजमेंट है, न फिस्कल डिस्पलीन और प्रूडेंस और न ही कोई व्यवस्था है. यहाँ सिर्फ और सिर्फ अव्यवस्था है. इतना बड़ा अनुपूरक बजट यह बताता है कि खर्च पर कोई नियंत्रण नहीं है और सरकार बिना योजना के पैसे खर्च कर रही है. यह अनुपूरक बजट ही मुख्य बजट सरकार की आर्थिक नाकामी का प्रमाण पत्र है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गत वर्ष का कैपिटल एक्सपेंडिचर 3941 करोड़ जो पिछले बार से 37% कम है और कुल बजट का मात्र 3.98% है. इससे यह साफ है कि प्रदेश में विकास ठप है और सवाल यह उठता है 98 हज़ार 975 करोड़ रुपए आख़िर खर्च कहाँ हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार सप्लीमेंट्री बजट के डॉक्यूमेंट्स भी उपलब्ध नहीं करवाया. क्योंकि उन्हें अपनी इस नाकामी का एहसास हो चुका था.